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इतिहास का सबसे महंगा युद्ध बनने की राह पर ईरान-अमेरिका जंग

ईरान युद्ध में रोज करोड़ों डॉलर खर्च हो रहे। विशेषज्ञों के अनुसार जंग लंबी चली तो ईरान ही नहीं, अमेरिका और इजरायल को भी भारी आर्थिक नुकसान होगा।

Kumar
इतिहास का सबसे महंगा युद्ध बनने की राह पर ईरान-अमेरिका जंग
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वाईबीएन डेस्क, नई दिल्ली।

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच छिड़ी जंग सिर्फ मैदान में नहीं, बल्कि खजाने पर भी भारी पड़ रही है। दोनों तरफ से मिसाइलें, ड्रोन और हवाई हमलों का सिलसिला जारी है और इसके साथ ही अरबों डॉलर स्वाहा हो रहे हैं। अगर यह संघर्ष कुछ और हफ्ते जारी रहा, तो यह इतिहास की सबसे महंगी जंगों में शुमार हो सकती है।

पहले 24 घंटे में ही 779 मिलियन डॉलर फूंके

अमेरिकी रक्षा विभाग के पूर्व वरिष्ठ बजट अधिकारी एलेन मैककस्कर के मुताबिक युद्ध शुरू होने से पहले ही अमेरिका ने सैन्य तैयारियों पर करीब 630 मिलियन डॉलर खर्च कर दिए थे। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू होते ही खर्च की रफ्तार और तेज हो गई। अनाडोलू न्यूज एजेंसी के अनुमान के मुताबिक पहले 24 घंटों में ही लगभग 779 मिलियन डॉलर खर्च हो चुके थे।

अर्थशास्त्री केंट स्मेटर की चेतावनी और भी चौंकाने वाली है। उनके अनुसार अगर यह युद्ध दो महीने से ज्यादा खिंचा, तो अमेरिका को 40 से 95 अरब डॉलर यानी करीब 20 लाख करोड़ रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ सकता है।

अमेरिका ने इस युद्ध में दो अत्याधुनिक एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात किए हैं और तीसरा भी ईरान की दिशा में रवाना हो चुका है। एक अकेले विमानवाहक पोत पर रोजाना कम से कम 60 से 65 करोड़ रुपये का खर्च आता है। इनके साथ चलने वाले युद्धपोतों, ईंधन, रसद और 5,000 से अधिक नौसैनिकों के रखरखाव को जोड़ें तो यह रकम और भी बड़ी हो जाती है।

सस्ते ड्रोन, महंगे इंटरसेप्टर — ईरान की चालाक रणनीति

इस युद्ध की एक दिलचस्प विडंबना यह है कि ईरान जहां 50 हजार डॉलर के शाहेद ड्रोन बड़ी तादाद में दाग रहा है, वहीं उन्हें मार गिराने के लिए अमेरिका और खाड़ी देशों को करोड़ों रुपये के इंटरसेप्टर खर्च करने पड़ रहे हैं।

पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम की एक इंटरसेप्टर मिसाइल की कीमत करीब 4 करोड़ रुपये है। THAAD सिस्टम के इंटरसेप्टर की कीमत 13 करोड़ रुपये तक पहुंचती है। नौसेना के एजिस सिस्टम में इस्तेमाल होने वाले SM-3 ब्लॉक IIA इंटरसेप्टर की प्रति यूनिट कीमत 28 मिलियन डॉलर और SM-6 की कीमत करीब 10 मिलियन डॉलर है।

THAAD सिस्टम पर भी लगा बड़ा झटका

अमेरिका ने अपने अरब सहयोगी देशों को ईरानी मिसाइल हमलों से बचाने के लिए THAAD एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किया है। इस सिस्टम के एक रडार की कीमत 300 मिलियन डॉलर है और ईरान एक ऐसे रडार को नष्ट करने में कामयाब भी रहा है। पूरी दुनिया में अमेरिका के पास महज आठ THAAD बैटरियां हैं, जिनमें से हर एक की कीमत लगभग 1 अरब डॉलर है।


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