ईरान ने तोड़ी अमेरिका की सबसे मजबूत ढाल, क्या था वो हथियार?
युद्ध के बढ़ते खतरे के बीच अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की रक्षा रणनीति में THAAD सिस्टम अहम भूमिका निभा रहा। मगर, ईरान ने इसी सिस्टम को निशाना बनाया है।

वाईबीएन डेस्क, नई दिल्ली।
मध्य पूर्व में छिड़ी जंग अब एक नए और खतरनाक मोड़ पर आ पहुंची है। नौ दिनों से जारी इस संघर्ष में जहां अमेरिका और इजराइल ईरान पर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहे हैं, वहीं तेहरान ने भी अब अमेरिका की सबसे मजबूत ढाल — यानी उसके THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम — को सीधे निशाने पर ले लिया है।
बीते एक हफ्ते में ईरान ने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन में तैनात अमेरिकी THAAD प्रणालियों पर हमले किए। इनमें सबसे बड़ा नुकसान जॉर्डन के मुवफ्फाक साल्टी एयर बेस पर हुआ, जहां तैनात THAAD सिस्टम का रडार क्षतिग्रस्त हो गया। यह रडार पूरे सिस्टम की आंख और दिमाग माना जाता है — इसकी अकेले की कीमत ही करीब 2700 करोड़ रुपये है।
क्या है THAAD और क्यों है यह इतना खास?
THAAD यानी टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस दुनिया के सबसे उन्नत और महंगे मिसाइल रक्षा तंत्रों में गिना जाता है। इसे खास तौर पर दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों को जमीन पर गिरने से पहले ही हवा में नष्ट करने के लिए बनाया गया है। इसकी मारक क्षमता 150 से 200 किलोमीटर तक की है और यह अंतरिक्ष की सीमा पर यानी बेहद ऊंचाई पर मिसाइल को तबाह करता है, ताकि जमीन पर कोई नुकसान न पहुंचे।
इसकी सबसे खास तकनीक है "हिट-टू-किल" — जिसमें इंटरसेप्टर मिसाइल सीधे दुश्मन की मिसाइल से टकराकर उसे राख कर देती है, बिना किसी विस्फोटक के। पूरा सिस्टम सेकंडों में प्रतिक्रिया देने में सक्षम है और ट्रक पर लगा होने की वजह से जरूरत पड़ने पर इसे कहीं भी तैनात किया जा सकता है।
एक पूरे THAAD यूनिट में 6 लॉन्चर ट्रक होते हैं, हर ट्रक में 8 इंटरसेप्टर मिसाइलें लगी होती हैं — यानी कुल 48 मिसाइलें। साथ में होता है AN/TPY-2 रडार, जो दूर से आती मिसाइल को भांपकर इंटरसेप्टर को सटीक दिशा देता है। एक पूरे सिस्टम की कीमत 8,000 करोड़ से लेकर 22,000 करोड़ रुपये तक हो सकती है। अमेरिका के पास फिलहाल कुल 7 से 8 THAAD सिस्टम ही हैं, जो अमेरिका, इजराइल, दक्षिण कोरिया, सऊदी अरब, UAE और गुआम में तैनात हैं। ऐसे में एक भी सिस्टम को नुकसान पहुंचना सैन्य दृष्टि से बेहद गंभीर माना जा रहा है।
युद्ध का दायरा बढ़ता जा रहा है
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि THAAD जैसी उन्नत प्रणाली पर हमला महज सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि एक कूटनीतिक संदेश भी है — कि ईरान अमेरिका की किसी भी ढाल को अभेद्य नहीं मानता।
इस बीच युद्ध में जनहानि का आंकड़ा डराने वाला है। अब तक करीब 1,483 लोग मारे जा चुके हैं। सबसे ज्यादा 1,332 मौतें ईरान में हुई हैं। लेबनान में 123, इजराइल में 11 और इराक में 2 लोगों की जान गई है। कुवैत, सऊदी अरब, UAE, बहरीन और ओमान में भी हमलों में मौतें हुई हैं। 6 अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की भी पुष्टि हो चुकी है। जैसे-जैसे यह संघर्ष गहरा होता जा रहा है, दुनिया की निगाहें इस पर टिकी हैं कि आगे यह जंग किस दिशा में मुड़ती है।


