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ईरानी युद्धपोत IRIS Dena के नाविकों को अंतिम विदाई, उमड़ा हुजूम

ईरान की नौसेना के जहाज IRIS Dena के डूबने के बाद मारे गए नाविकों का तेहरान में अंतिम संस्कार किया गया। राष्ट्रपति ने US हमले की कड़ी निंदा की।

ईरानी युद्धपोत IRIS Dena के नाविकों को अंतिम विदाई, उमड़ा हुजूम
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तेहरान, वाईबीएन न्यूज। ईरान की नौसेना के युद्धपोत IRIS Dena के डूबने के बाद मारे गए नाविकों को मंगलवार को भावभीनी विदाई दी गई। एएनआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक नाविकों की अंतिम यात्रा इमामजादेह सालेह दरगाह में निकाली गई, भारी संख्या में लोग नाविकों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। ईरानी मीडिया के मुताबिक IRIS Dena 4 मार्च को श्रीलंका के गॉल तट के करीब 40 समुद्री मील दूर डूब गया था। ईरान का दावा है कि इस युद्धपोत को अमेरिकी टॉरपीडो हमले में निशाना बनाया गया था।

राष्ट्रपति ने बताया अमानवीय अपराध

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने इस घटना पर गहरा शोक जताते हुए अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे अमानवीय अपराध करार दिया और कहा कि देश 20 बहादुर नौसैनिकों और 84 निर्दोष नाविकों की मौत का शोक मना रहा है। उन्होंने कहा कि शहीदों के नाम हमेशा याद रखे जाएंगे और उनके परिवारों के साथ पूरा देश खड़ा है।

80 से ज्यादा नाविकों की मौत

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक IRIS Dena जहाज पर करीब 180 क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें से 80 से अधिक नाविकों की मौत ‌हो गई, जबकि कई अन्य को श्रीलंका की नौसेना ने बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया। इस हादसे के बाद भारतीय नौसेना ने भी राहत और बचाव कार्य में हिस्सा लिया। INS Tarangini, INS Ikshak और P-81 समुद्री निगरानी विमान को सर्च ऑपरेशन में लगाया गया।

बढ़ते तनाव के बीच घटना

यह घटना ऐसे समय हुई है जब ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव चरम पर है। हालिया घटनाओं के बाद खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ी है, जिसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। ईरान ने साफ किया है कि वह अपने नागरिकों और सैन्य बलों पर हमले को लेकर सख्त रुख अपनाएगा।


Dhiraj Dhillon

Dhiraj Dhillon

धीरज ढिल्लों दो दशकों से अधिक समय से हिंदी पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान दैनिक हिंदुस्तान और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में नोएडा और गाजियाबाद क्षेत्र में गहन रिपोर्टिंग की है। प्रिंट मीडिया के साथ-साथ, उन्होंने डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी काम किया है। उनकी लेखनी में निष्पक्षता, तथ्यपरकता और गहरी विश्लेषण क्षमता स्पष्ट रूप से झलकती है। समसामयिक विषयों के साथ-साथ स्वास्थ्य, जीवनशैली, विकास संबंधी मुद्दों और राजनीति में उनकी गहरी रुचि रही है। उन्होंने पांच वर्षों तक Centre for Advocacy & Research (CFAR) के साथ मिलकर सार्वजनिक स्वास्थ्य संचार कार्य किया है।

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