ईरानी युद्धपोत IRIS Dena के नाविकों को अंतिम विदाई, उमड़ा हुजूम
ईरान की नौसेना के जहाज IRIS Dena के डूबने के बाद मारे गए नाविकों का तेहरान में अंतिम संस्कार किया गया। राष्ट्रपति ने US हमले की कड़ी निंदा की।

तेहरान, वाईबीएन न्यूज। ईरान की नौसेना के युद्धपोत IRIS Dena के डूबने के बाद मारे गए नाविकों को मंगलवार को भावभीनी विदाई दी गई। एएनआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक नाविकों की अंतिम यात्रा इमामजादेह सालेह दरगाह में निकाली गई, भारी संख्या में लोग नाविकों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। ईरानी मीडिया के मुताबिक IRIS Dena 4 मार्च को श्रीलंका के गॉल तट के करीब 40 समुद्री मील दूर डूब गया था। ईरान का दावा है कि इस युद्धपोत को अमेरिकी टॉरपीडो हमले में निशाना बनाया गया था।
राष्ट्रपति ने बताया अमानवीय अपराध
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने इस घटना पर गहरा शोक जताते हुए अमेरिकी हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे अमानवीय अपराध करार दिया और कहा कि देश 20 बहादुर नौसैनिकों और 84 निर्दोष नाविकों की मौत का शोक मना रहा है। उन्होंने कहा कि शहीदों के नाम हमेशा याद रखे जाएंगे और उनके परिवारों के साथ पूरा देश खड़ा है।
📷 Procession of the martyrs of the IRIS Dena at the Imamzadeh Saleh shrine in northern Tehran
— Press TV 🔻 (@PressTV) March 18, 2026
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80 से ज्यादा नाविकों की मौत
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक IRIS Dena जहाज पर करीब 180 क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें से 80 से अधिक नाविकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य को श्रीलंका की नौसेना ने बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया। इस हादसे के बाद भारतीय नौसेना ने भी राहत और बचाव कार्य में हिस्सा लिया। INS Tarangini, INS Ikshak और P-81 समुद्री निगरानी विमान को सर्च ऑपरेशन में लगाया गया।
बढ़ते तनाव के बीच घटना
यह घटना ऐसे समय हुई है जब ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव चरम पर है। हालिया घटनाओं के बाद खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ी है, जिसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। ईरान ने साफ किया है कि वह अपने नागरिकों और सैन्य बलों पर हमले को लेकर सख्त रुख अपनाएगा।

