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Israel-Hezbollah Conflict: हिज्बुल्लाह ने 2 हफ्तों में 2000 मिसाइल दागीं

इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार का दावा: हिज्बुल्लाह ने पिछले दो हफ्तों में 2000 मिसाइल, रॉकेट और ड्रोन दागे। इजरायल-लेबनान तनाव और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया।

Israel-Hezbollah Conflict: हिज्बुल्लाह ने 2 हफ्तों में 2000 मिसाइल दागीं
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तेल अवीव, आईएएनएस। इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने मंगलवार को कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली और यूनाइटेड किंगडम के नेताओं की ओर से इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच बढ़ते संघर्ष पर जारी संयुक्त बयान को "वास्तविकता का एक विकृत नजरिया" करार दिया। पांच देशों के नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी किया है। इस बयान में लेबनान में बढ़ती हिंसा पर गहरी चिंता जाहिर की गई। इसके साथ ही अपील की गई कि इजरायल-लेबनान तुरंत तनाव कम करें और एक स्थायी राजनीतिक समाधान के लिए संवाद स्थापित करें।

“हिज्बुल्लाह इजरायलियों को निशाना बनाना बंद करे”

संयुक्त बयान में कहा गया है- हिज्बुल्लाह को आम इजरायलियों को निशाने पर लेना बंद करना होगा और अपने हथियार डालने होंगे। हम हिज्बुल्लाह के ईरान के साथ मिलकर हिंसा फैलाने के फैसले की निंदा करते हैं। इससे क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को ज्यादा खतरा पैदा हो गया है। हम नागरिकों, बुनियादी ढांचों, स्वास्थ्य कर्मियों के साथ ही लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (यूएनआईएफआईएल) को निशाना बनाकर किए गए हमलों की निंदा करते हैं। ये हरकतें अस्वीकार्य हैं, और हम सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के अनुसार काम करने का आह्वान करते हैं।

इजरायल के जमीनी हमले का नतीजा भयानक होगा

बयान में आगे कहा गया है- इजरायल की जमीनी हमले का नतीजा भयानक हो सकता है और इससे एक लंबा संघर्ष छिड़ सकता है। इसे हर हाल में टाला जाना चाहिए। लेबनान में मानवीय स्थिति, जिसमें बड़े पैमाने पर लोगों का विस्थापन भी शामिल है, पहले से ही बेहद चिंताजनक है। हम सभी पक्षों से यूएनएससी प्रस्ताव 1701 को पूरी तरह से लागू करने की अपनी मांग दोहराते हैं। हिज्बुल्लाह को निशस्त्र करने, उसकी सैन्य गतिविधियों पर रोक लगाने और उनकी सशस्त्र दुश्मनी को रोकने के लेबनान सरकार के प्रयासों का समर्थन करते हैं। हम लेबनान की सरकार और वहां के लोगों के साथ पूरी एकजुटता से खड़े हैं, जिन्हें न चाहते हुए भी इस संघर्ष में घसीट लिया गया है।

हिज्बुल्लाह के हमलों पर सार कर तीखी प्रतिक्रिया

अब इस बयान पर ही सार ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सार ने इसे "हकीकत का एक विकृत नजरिया" बताया और कहा कि 8 अक्टूबर, 2023 से ही लेबनान की धरती से हिज्बुल्लाह की ओर से इजरायलियों पर बिना किसी उकसावे के लगातार हमले किए जा रहे हैं। इजरायली विदेश मंत्री ने सवाल उठाया, "ये वही इजरायली हैं जिन्हें पूरे एक साल तक हिज्बुल्लाह की लगातार गोलाबारी के कारण अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। यह बयान उनकी तकलीफों को पूरी तरह से नजरअंदाज करता है। पिछले दो हफ्तों में, हिज्बुल्लाह ने इजरायली नागरिकों पर लगभग 2,000 मिसाइलें, रॉकेट और ड्रोन दागे हैं। क्या इस बयान पर दस्तखत करने वाले देशों के नागरिक भी ऐसे खौफ के साए में रहने को तैयार होंगे?

बोले- लोकतांत्रिक देश इस तरह के हमले बर्दाश्त करेंगे?

अगर इन लोकतांत्रिक देशों पर भी इसी तरह से हमले होते, तो क्या वे 'सभी पक्षों' के बीच एक विकृत समानता को स्वीकार करते? यानी एक लोकतांत्रिक देश जो अपने नागरिकों की रक्षा कर रहा है, उसे एक ऐसे आतंकवादी संगठन के बराबर मानते जिसने अपने पड़ोसी देश पर कब्जा कर लिया है?" उन्होंने आगे कहा, "इस बयान में लेबनान सरकार से इजरायल पर गोलाबारी रोकने की कोई मांग नहीं की गई है, यहां तक कि सरकार से हिज्बुल्लाह के मंत्रियों को हटाने की भी कोई बात नहीं कही गई है। लेबनान सरकार हिज्बुल्लाह को निहत्था करने में नाकाम रही है, और अब उसे इजरायल की तरफ होने वाली गोलाबारी को तुरंत रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।"

लेबनान में हिज्बुल्लाह के इंफ्रास्ट्रकचर पर हमले

इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएएफ) ने रविवार को कहा कि उसने पूरे लेबनान में हिज्बुल्लाह के इंफ्रास्ट्रक्चर पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं। आईडीएएफ ने एक बयान में कहा कि इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के अल-कतरानी इलाके में उन लॉन्च साइटों पर हमला किया, जहां से हिजबुल्लाह के लड़ाके जल्द ही रॉकेट दागने की योजना बना रहे थे। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, आईडीएएफ ने यह भी बताया कि उसने बेरूत में हिज्बुल्लाह की एलीट 'रदवान फोर्स' के कमांड सेंटरों को भी तबाह कर दिया, जहां से कथित तौर पर लड़ाके इजरायल पर हमले करते थे। इजरायली सेना ने लेबनान की राजधानी के कई इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए तुरंत घर खाली करने के आदेश भी जारी किए।

इजरायली सेना का और सख्ती का दावा

समाचार एजेंसी अनादोलु की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली सेना के प्रवक्ता अविचाई अद्राई ने एक बयान में हारेत हरेक, घोबेरी, लायराकी, हदाथ, बुर्ज अल-बराजनह, तहवीतात अल-गदीर और शियाह के निवासियों से अपील की कि वे "तुरंत घर खाली कर दें और अगले आदेश तक वापस न लौटें।" उन्होंने कहा कि इजरायली सेना इन इलाकों में "सख्ती से कार्रवाई" करेगी। अद्राई ने चेतावनी दी कि "इन जगहों पर हिजबुल्लाह के केंद्रों, कर्मियों या सैन्य उपकरणों के पास मौजूद किसी भी व्यक्ति को निशाना बनाया जाएगा।" हिजबुल्लाह ने रविवार को कहा कि वह सीमा के पास के गांवों में इजरायली सैनिकों के कई ठिकानों को भी निशाना बना रहा है।


Dhiraj Dhillon

Dhiraj Dhillon

धीरज ढिल्लों दो दशकों से अधिक समय से हिंदी पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान दैनिक हिंदुस्तान और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में नोएडा और गाजियाबाद क्षेत्र में गहन रिपोर्टिंग की है। प्रिंट मीडिया के साथ-साथ, उन्होंने डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी काम किया है। उनकी लेखनी में निष्पक्षता, तथ्यपरकता और गहरी विश्लेषण क्षमता स्पष्ट रूप से झलकती है। समसामयिक विषयों के साथ-साथ स्वास्थ्य, जीवनशैली, विकास संबंधी मुद्दों और राजनीति में उनकी गहरी रुचि रही है। उन्होंने पांच वर्षों तक Centre for Advocacy & Research (CFAR) के साथ मिलकर सार्वजनिक स्वास्थ्य संचार कार्य किया है।

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