पश्चिम एशिया संकट :'सात पर आघात', ईरान में सैन्य संघर्ष में पहली पंक्ति लगभग 'साफ'
पहले ही दिन सरप्राइज एयर स्ट्राइक में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। उनके साथ परिवार के कई लोग और बड़े अधिकारी भी मारे गए। खुलासा, हर गुजरते दिन के साथ हुआ।

नई दिल्ली, आईएएनएस। पश्चिम एशिया, सैन्य संघर्ष की आग में जल रहा है। 28 फरवरी को यूएस-इजरायल ने ईरान पर हमला किया। संयुक्त हमले में ईरान के कई बड़े नेता और शीर्ष अधिकारियों को लगभग साफ कर दिया। सिलसिला रुका नहीं, अब भी जारी है। ये ऐसे टॉप नेता या अधिकारी थे जिनसे प्रशासन चलता था और देश किसी भी स्थिति में इनकी ओर उम्मीद भरी नजरों से देखता था। पहले ही दिन सरप्राइज एयर स्ट्राइक में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। उनके साथ परिवार के कई लोग और बड़े अधिकारी भी मारे गए। खुलासा, हर गुजरते दिन के साथ हुआ।
उधर, ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने बुधवार को चेतावनी दी कि पिछले 48 घंटों में सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी, खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौत के बाद, तेहरान अमेरिका-इजरायल की सेनाओं के खिलाफ बड़ी जवाबी कार्रवाई करेगा।उन्होंने एक तीखे बयान में कहा, "अपराधियों को जल्द ही उनके खून की कीमत चुकानी होगी," जिसमें उन्होंने विशेष रूप से सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी की मौत का ज़िक्र किया।
रक्षा मंत्री सैयद अब्दुलरहीम मौसवी
1 मार्च को देश के आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ और रक्षा मंत्री सैयद अब्दुलरहीम मौसवी के मारे जाने की खबर स्टेट टेलीविजन ने दी, बताया कि एक हवाई हमले में वे मारे गए। इस हमले में डिफेंस काउंसिल की एक बैठक को निशाना बनाया गया था।इसके अगले दिन 2 मार्च को, ईरान की न्यायपालिका ने पुष्टि की शक्तिशाली रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रमुख जनरल मोहम्मद पाकपुर उन लोगों में शामिल थे जो इन हमलों का शिकार हुए।
मोहम्मद शिराजी की मौत भी ईरान के लिए बड़ा सदमा
मोहम्मद शिराजी की मौत भी ईरान के लिए बड़ा सदमा थी, जिन्होंने 1989 से अपनी मृत्यु तक सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के मिलिट्री ब्यूरो के प्रमुख के तौर पर काम किया। वे ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडरों और सुप्रीम लीडर के बीच एक अहम कड़ी का काम करते थे, और 28 फरवरी के एयर स्ट्राइक में ही उनकी जान गई थी।
सालेह असादी ईरान के एक सैन्य खुफिया अधिकारी
सालेह असादी ईरान के एक सैन्य खुफिया अधिकारी थे। उन्होंने खातम-अल-अंबिया सेंट्रल मुख्यालय में खुफिया विभाग के प्रमुख के तौर पर काम किया। यह मुख्यालय ईरान के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ के भीतर एक आपातकालीन कमांड संरचना है। इस भूमिका में, वे राष्ट्रीय आपातकाल और रक्षा योजना से जुड़े खुफिया अभियानों की देखरेख करते थे।
28 मार्च के बाद एक और शीर्ष नेता के जाने का गम ईरान नहीं भूल पाएगा, तो वो ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव और युद्ध के समय के उसके सबसे अहम रणनीतिकार अली लारीजानी का है। इनके साथ ही बसीज कमांडर गुलामरेजा सुलेमानी की भी मौत हो गई; ये दोनों 17 मार्च को तेहरान पर किए गए सटीक हमलों का शिकार हुए थे।
खतीब की कायराना हत्या
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने बुधवार को इस बात की पुष्टि की कि इज़रायली हमलों के बाद तेहरान के इंटेलिजेंस मंत्री इस्माइल खतीब (उर्फ़ इस्माइल खतीब) की मौत हो गई है। इसे एक "कायरतापूर्ण हत्या" बताते हुए और अपने "प्रिय सहयोगियों" के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए, उन्होंने इज़रायली हमलों की निंदा की। यह ऐसे समय हुआ है जब ईरान और अमेरिका-इज़रायल सेनाओं के बीच चल रहे युद्ध को 20 दिन पूरे होने वाले हैं। पेज़ेशकियान ने सोशलमीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "मेरे प्रिय सहयोगियों इस्माइल खतीब, अली लारीजानी और अज़ीज़ नासिरज़ादेह, साथ ही उनके परिवार के कुछ सदस्यों और उनके साथ मौजूद टीम की कायरतापूर्ण हत्या ने हमें गहरे शोक में डाल दिया है।"


