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सावधान! टॉयलेट में मोबाइल का इस्तेमाल पड़ सकता है भारी, शरीर को घेर लेंगी ये गंभीर बीमारियाँ

हाई टेक्नोलॉजी की दुनिया में लोगों के लिए मोबाइल से 5 मिनट भी दूर रह पाना मुश्किल है। रील देखने और सोशल मीडिया चलाने की लत इतनी ज्यादा लग चुकी है कि लोग टॉयलेट में भी मोबाइल को अपने साथ लेकर जाते हैं और जरूरत से ज्यादा समय वही बिता देते हैं।

YBN Desk
सावधान! टॉयलेट में मोबाइल का इस्तेमाल पड़ सकता है भारी, शरीर को घेर लेंगी ये गंभीर बीमारियाँ
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नई दिल्ली। अगर आप भी टॉयलेट में मोबाइल ले जाते हैं, तो अपनी इस आदत को तुरंत बदल लें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह आदत आपके शरीर को बीमारियों का घर बना सकती है। शौचालय की सीटों और दरवाजों के हैंडल पर ई-कोलाई और साल्मोनेला जैसे खतरनाक बैक्टीरिया होते हैं, जो मोबाइल की स्क्रीन पर चिपककर आपके हाथों और चेहरे के जरिए शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।

डॉक्टरों का मानना है कि कमोड पर लंबे समय तक बैठकर फोन चलाने से पाइल्स (बवासीर) का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि इससे गुदा क्षेत्रों की नसों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसके अलावा, यह आदत पाचन तंत्र को बिगाड़ने और कब्ज जैसी समस्याओं का कारण भी बनती है। अपनी सेहत के लिए टॉयलेट को डिजिटल-फ्री जोन बनाएं। हाई टेक्नोलॉजी की दुनिया में लोगों के लिए मोबाइल से 5 मिनट भी दूर रह पाना मुश्किल है। रील देखने और सोशल मीडिया चलाने की लत इतनी ज्यादा लग चुकी है कि लोग टॉयलेट में भी मोबाइल को अपने साथ लेकर जाते हैं और जरूरत से ज्यादा समय वही बिता देते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि टॉयलेट में मोबाइल का इस्तेमाल आपकी सेहत को बुरी तरीके से प्रभावित करता है?

टॉयलेट में मोबाइल का इस्तेमाल करने की बढ़ती आदत पर कई शोध हो चुके हैं, जिसमें ये साफ पाया गया है कि ऐसा करने वाले लोगों में पाचन की परेशानी और पाइल्स की समस्या ज्यादा देखी गई है।टॉयलेट सीट पर समय से अधिक समय तक बैठे रहने से रेक्टम पर प्रभाव पड़ता है, जिसकी वजह से पाइल्स होने की संभावना बाकी लोगों की तुलना में ज्यादा बढ़ जाती है। इसके अलावा, पेट पर पड़ने वाले दबाव की वजह से पाचन शक्ति पर असर पड़ता है और इससे कब्ज की समस्या बढ़ सकती है।

टॉयलेट में मोबाइल का इस्तेमाल करने की आदत से मांसपेशियों और हड्डियों पर भी असहनीय दबाव पड़ता है। मोबाइल को लगातार देखने के लिए गर्दन और कंधों पर बोझ बढ़ता है और मांसपेशियों में दर्द और जकड़न बढ़ जाती है। इससे रीढ़ की हड्डी भी प्रभावित होती है। अगर किसी को पहले से ही स्पाइनल कॉर्ड से जुड़ी परेशानी है, तो उन्हें ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए।

मोबाइल चलाने की खराब आदत की वजह से सर्वाइकल का रिस्क होने का खतरा रहता है। टॉयलेट में लंबे समय तक एक ही पोस्चर में बैठने की वजह से सिर और गर्दन के ऊपरी हिस्से पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है। कभी-कभी इससे तेज सिरदर्द और गर्दन में दर्द की परेशानी भी हो सकती है। इसके अलावा, मोबाइल को टॉयलेट में ले जाने से उसके ऊपर खतरनाक बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं। जितनी बार मोबाइल को पकड़ा जाएगा, उतनी बार ही हाथ धोना जरूरी होगा। इसलिए टॉयलेट में मोबाइल के इस्तेमाल से परहेज करें।

टॉयलेट में मोबाइल का इस्तेमाल करने की वजह से पेट पूरी तरह साफ भी नहीं होता है और मानसिक तनाव भी बढ़ता है। शरीर जब विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है, तब मस्तिष्क का इस क्रिया में बड़ा योगदान होता है। मस्तिष्क के सिग्नल के बाद ही शरीर के बाकी अंग अपने काम करते हैं। ऐसे में जब मस्तिष्क मोबाइल चलाने में व्यस्त होगा, तो विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने की प्रक्रिया पूरी तरीके से नहीं हो पाती है और फिर पेट में बची गंदगी शरीर को धीरे-धीरे बीमार करने लगती है।


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