Moradabad: व्यापारी के अपहरण की साजिश नाकाम, 5 शातिर अपराधी गिरफ्तार
अपराधियों के पास से अवैध हथियार, एक सफेद बलेनो कार और फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं

मुरादाबाद वाईबीएन संवाददाता। मुरादाबाद में मैनाठेर पुलिस और एसओजी टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मंगलवार, 17 मार्च 2026 को उमरी-सब्जीपुर रोड पर घेराबंदी कर 5 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जो 'डिजाइन वर्ल्ड INC' के मालिक के अपहरण की फिराक में थे। अपराधियों के पास से अवैध हथियार, एक सफेद बलेनो कार और फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं। अपराधियों के पास से अवैध हथियार, एक सफेद बलेनो कार और फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
फैक्ट्री में काम करने वाले आरोपी इमरान ने ही बुना था किडनैपिंग का जाल
मुरादाबाद के एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि सूचना के आधार पर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने मंगलवार को उमरी-सब्जीपुर मार्ग पर जाल बिछाया। पुलिस ने एक सफेद बलेनो कार को रोका, जिसमें सवार 5 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ और तलाशी के दौरान यह खुलासा हुआ कि ये अपराधी एक बड़े व्यापारी के अपहरण की योजना को अंजाम देने वाले थे। पकड़े गए आरोपियों के नाम सारिक उर्फ लाला, इमरान पुत्र इब्राहिम, जाने आलम, रिजवान उर्फ बड़ा और इमरान पुत्र अजीजुल रहमान हैं। ये सभी मुरादाबाद के विभिन्न थाना क्षेत्रों (मझोला, कटघर, मुगलपुरा, और सिविल लाइंस) के रहने वाले हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। इसी कारण उन्होंने 'डिजाइन वर्ल्ड INC' के मालिक याह्या भाई के अपहरण की योजना बनाई थी ताकि उनसे मोटी फिरौती वसूली जा सके। चौंकाने वाली बात यह है कि फैक्ट्री में काम करने वाले आरोपी इमरान ने ही अपने मालिक की पूरी रेकी करवाई थी। पकड़े जाने से बचने के लिए इन्होंने गाड़ी पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई थी और फिरौती मांगने के लिए अलग मोबाइल व सिम का इंतजाम किया था।
पुलिस ने पकड़े गये आरोपियों के पास से एक सफेद बलेनो कार (फर्जी नंबर: UP 21 BP 1682, असली नंबर: UP 78 FR 8015)। 01 देसी पिस्टल (32 बोर), 03 तमंचे (32 व 315 बोर), 09 जिंदा कारतूस और 01 चाकू, ₹8,160 नकद, 03 मोबाइल फोन, एक फर्जी RC, रस्सी, 05 डिस्पोजल मास्क, सेलोटेप और पेचकश बरामद किए हैं
पुलिस ने अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 58/2026 दर्ज किया है। इन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 338, 340(2), 336(3) और आयुध अधिनियम (Arms Act) की धारा 3/25 व 4/25(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब इन अपराधियों के पुराने आपराधिक इतिहास को खंगालने में जुटी है।


