Moradabad: ब्रेजा कार में अवैध हथियारों संग तीन गिरफ्तार
पकड़े गए अभियुक्तों ने पुलिस को चकमा देने के लिए अपनी कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी थी और वे किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे

मुरादाबाद वाईबीएन संवाददाता। मुरादाबाद पुलिस ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। थाना सिविल लाइन्स पुलिस ने घेराबंदी कर एक संदिग्ध ब्रेजा कार को रोका, जिसमें सवार तीन युवकों के पास से अवैध तमंचे और कारतूस बरामद हुए। पकड़े गए अभियुक्तों ने पुलिस को चकमा देने के लिए अपनी कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी थी और वे किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।
पुलिस को देखते ही कार में सवार युवकों ने भागने की कोशिश की
मुरादाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल के निर्देशानुसार जनपद में चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के दौरान थाना सिविल लाइन्स पुलिस को 17 मार्च 2026 को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली। पुलिस टीम जब चेकिंग पर मौजूद थी, तभी मुखबिर से सूचना मिली कि कांठ रोड वाले पुल के नीचे कुछ संदिग्ध युवक अवैध हथियारों के साथ किसी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कांवड़ पथ के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही कार में सवार युवकों ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद पुलिस बल ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान हरेन्द्र भाटी (उम्र 25 साल) निवासी ग्राम लदावली, छजलैट, मुरादाबाद,हिमांशु (उम्र 22 साल) निवासी ग्राम लदावली, छजलैट, मुरादाबाद,प्रियांशु चौधरी (उम्र 22 साल ) निवासी ग्राम शेरुआ धरमपुर, सिविल लाइन्स, मुरादाबाद के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान अभियुक्तों के पास से तीन अवैध तमंचे (315 बोर) और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए।
पुलिस अब अभियुक्तों के पुराने आपराधिक इतिहास की और अधिक जानकारी जुटा रही है
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि अभियुक्तों द्वारा इस्तेमाल की जा रही ब्रेजा कार की नंबर प्लेट बदली गई थी, ताकि अपराध के दौरान उनकी पहचान छुपाई जा सके। पुलिस ने तीनों अभियुक्तों के खिलाफ थाना सिविल लाइन्स में मु०अ०सं० 144/2026 के तहत मामला दर्ज किया है। इन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और आयुध अधिनियम (Arms Act) की धारा 3/25 के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है।
इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम का नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक मनीष सक्सेना ने किया, जिसमें उप-निरीक्षक कुलदीप कुमार, सुधीर कुमार और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस अब अभियुक्तों के पुराने आपराधिक इतिहास की और अधिक जानकारी जुटा रही है।


