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नोएडा में 140 किमी नाले होंगे कवर, वेंडिंग जोन बनेंगे

नोएडा प्राधिकरण शहर के 140 किमी लंबे नालों को कवर करके वेंडिंग जोन बनाएगा। फुटपाथ होंगे अतिक्रमण मुक्त, ट्रैफिक को मिलेगी गति।

नोएडा में 140 किमी नाले होंगे कवर, वेंडिंग जोन बनेंगे
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नोएडा, वाईबीएन न्यूज। शहर में रेहड़ी- पटरी कारोबार व्यवस्थित होगा। इसके लिए प्राधिकरण ने एक खास योजना तैयार की है। रेहड़ी- पटरी वालों के लिए प्राधिकरण वेंडिग जोन तैयार करेगा। वेंडिग जोन बनाने के ल‌िए 140 किमी लंबे नाले कवर होंगे। नालों के ऊपर वेंडिंग जोन बनेंगे और इससे फुटपाथ भी अतिक्रमण मुक्त होंगे, जो ट्रैफिक का स्मूथ करने में मददगार होगा।नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करूणेश के निर्देश पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। महाप्रबंधक (सिविल) ने सभी 10 सर्कलों से प्रस्ताव मांगे हैं ताकि परियोजना को जल्द धरातल पर उतारा जा सके।

इन नौ नालों को बाहर रखा जाएगा

जल-सीवर विभाग ने इस योजना से कोंडली और शाहदरा ड्रेन समेत नौ प्रमुख नालों को इस योजना से बाहर रखने क‌ी सलाह दी है। इन नालों के लिए 24 छोटे- छोटे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) विकसित किए जा रहे हैं, इसलिए इन्हें कवर नहीं किया जाएगा।

सड़क-फुटपाथ अतिक्रमण मुक्त होंगे

शहर की प्रमुख सड़कों और फुटपाथों पर अवैध रेहड़ी- पटरी के कारण अतिक्रमण की समस्या बढ़ गई है। इससे न सिर्फ शहर की सुंदरता प्रभावित हो रही है, बल्कि यातायात जाम और पैदल यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है। कई जगह लोग तेज रफ्तार वाहनों के बीच से चलने को मजबूर होते हैं।

ब्रहमपुत्रा मार्केट मॉडल अपनाने की तैयारी

प्राधिकरण ने सेक्टर-29 स्थित नाले को कवर कर ब्रहमपुत्रा मार्केट के पीछे वे‌ंडिंग जोन बनाया है, जहां करीब 25 वेंडर कारोबार कर रहे हैं। यह पायलट प्रोजेक्ट सफल माना गया है और इसी मॉडल को शहर के अन्य हिस्सों में लागू करने की योजना है। नाले को इस तरह से कवर किया गया है कि बीच-बीच में लोहे की जाली लगाई गई है, जिससे गैस बाहर निकल सके और सफाई आसानी से हो सके। इससे एनजीटी के नियमों का भी पालन सुनिश्चित होगा।

अस्थाई वेंडिंग जोन और नाइट क्लीनिंग

प्राधिकरण के मुताबिक वेंडिंग जोन में वेंडरों को अस्थाई रूप से बैठाया जाएगा, ताकि वे कारोबार के बाद अपनी दुकान हटा सकें। रात के समय नाइट शिफ्ट में सफाई व्यवस्था भी की जाएगी। अगर प्राधिकरण क्योस्क तैयार कर आवंटित करेगा, तो उन्हें जीआईपी मॉल के बाहर बने क्योस्क सिस्टम की तरह विकसित किया जाएगा, जिससे बड़े स्तर पर संचालन संभव हो सके।

प्राधिकरण को मिलेगा राजस्व

140 किमी लंबे नालों को कवर करने के बाद बड़े पैमाने पर वेंडिंग जोन विकसित होंगे। इसमें चार वर्गमीटर के क्योस्क आवंटित किए जाएंगे, जिसका किराया 1800 से 2400 रुपये निर्धारित किया जा सकता है। इससे प्राधिकरण को राजस्व मिलेगा और गरीब व कमजोर वर्ग को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। जीएम (सिविल) एसपी सिंह के मुताबिक सभी वर्कल सर्कलों से प्रस्ताव आने के बाद स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा, ताकि यह तय किया जा सके कि किन स्थानों पर नाले को कवर कर वेंडिंग जोन विकसित करना लाभकारी होगा।


Dhiraj Dhillon

Dhiraj Dhillon

धीरज ढिल्लों दो दशकों से अधिक समय से हिंदी पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान दैनिक हिंदुस्तान और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में नोएडा और गाजियाबाद क्षेत्र में गहन रिपोर्टिंग की है। प्रिंट मीडिया के साथ-साथ, उन्होंने डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी काम किया है। उनकी लेखनी में निष्पक्षता, तथ्यपरकता और गहरी विश्लेषण क्षमता स्पष्ट रूप से झलकती है। समसामयिक विषयों के साथ-साथ स्वास्थ्य, जीवनशैली, विकास संबंधी मुद्दों और राजनीति में उनकी गहरी रुचि रही है। उन्होंने पांच वर्षों तक Centre for Advocacy & Research (CFAR) के साथ मिलकर सार्वजनिक स्वास्थ्य संचार कार्य किया है।

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