नोएडा में शुरू होगी आइरिस स्कैन सुविधा, फिंगरप्रिंट की दिक्कत होगी दूर
नोएडा के सब- रजिस्ट्रार कार्यालयों में जल्द आइरिस स्कैन से आधार वेरिफिकेशन सुविधा शुरू होगी।फिंगरप्रिंट न पढ़ने की समस्या से जूझ रहे बुजुर्गों को राहत मिलेगी।

नोएडा, वाईबीएन न्यूज। प्रोपर्टी रजिस्ट्री की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने के लिए निबंधन विभाग जल्द ही आइरिस स्कैन (रेटिना स्कैन) की सुविधा शुरू करने जा रहा है। इस नई व्यवस्था के लागू होने से उंगलियों के फिंगरप्रिंट से आधार वेरिफिकेशन में आने वाली दिक्कतों से लोगों को राहत मिलेगी। नई प्रणाली के तहत रजिस्ट्री कराने वाले व्यक्ति की आंखों के रेटिना का स्कैन कर आधार सत्यापन किया जा सकेगा, जिससे पूरी प्रक्रिया तेज और सुरक्षित हो जाएगी। विभाग की ओर से इसे इसी माह शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
फिंगरप्रिंट न पढ़ने से आती है परेशानी
जानकारी के मुताबिक नोएडा के सब- रजिट्रार कार्यालयों में रोजाना होने वाली रजिस्ट्रियों में करीब 10 प्रतिशत मामलों में फिंगरप्रिंट सही तरीके से स्कैन नहीं हो पाते। बुजुर्गों के मामले में ज्यादा समस्या आती है। दरअसल बुजुर्गों की उंगलियों पर घिसावट, निशान, सूखापन या उम्र से जुड़ी वजहों के कारण स्कैनर फिंगरप्रिंट नहीं पढ़ पाता, जिससे रजिस्ट्री प्रक्रिया में अधिक समय लगता है। ऐसी स्थिति में विभाग को लोगों से अन्य दस्तावेज मांगने पड़ते हैं।
अब रेटिना से होगा आधार सत्यापन
अब आइरिस रिकग्निशन सिस्टम लागू होने के बाद व्यक्ति की आंखों के रेटिना पैटर्न को स्कैन कर आधार से सीधे सत्यापन किया जाएगा। यह तकनीक फिंगरप्रिंट की तुलना में ज्यादा तेज, सटीक और भरोसेमंद मानी जाती है। इस नई व्यवस्था के लागू होने से रेटिना स्कैन होते ही आधार से लिंक होकर रजिस्ट्री प्रक्रिया बिना किसी रुकावट पूरी हो सकेगी।
बुजुर्गों के लिए बड़ी राहत
एआईजी निबंधन अरुण कुमार शर्मा के मुताबिक जैसे ही विभाग को आवश्यक संसाधन मिल जाएंगे, इस नई व्यवस्था को लागू कर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य सिर्फ सुविधा देना नहीं, बल्कि रजिस्ट्री प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तेज बनाना भी है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों और उन लोगों के लिए, जिनके फिंगरप्रिंट स्कैन नहीं हो पाते, यह व्यवस्था बड़ी राहत साबित होगी। संभावना है कि यह सुविधा इसी माह से शुरू कर दी जाएगी।

