प्रयागराज की विशेष अदालत के शंकराचार्य पर FIR के आदेश, जानें मामला
प्रयागराज की विशेष पॉक्सो अदालत के ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य स्वामी मुकुरानंद गिरी के खिलाफ एफआईआर के आदेश।

प्रयागराज, वाईबीएन न्यूज। संगम पर माघ मेले के दौरान पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद प्रदेश सरकार और सीएम योगी आदित्यनाथ पर हमलावर शंकराचार्य के खिलाफ एफआईआर के आदेश हुए हैं। शनिवार को प्रयागराज की विशेष पॉक्सो अदालत ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके एक शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ बच्चों के यौन शोषण मामले में यह बड़ा आदेश दिया है। मामले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि यह षड़यंत्र शंकराचार्य नाम की संस्था को बदनाम करने का है।
शंकराचार्य बोले याची खुद हिस्ट्रीशीटर है
मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से एएनआई ने बात की। शंकराचार्य ने कहा- कोर्ट का अपना प्रोसीजर होता है। कोर्ट ने कंप्लेंट रजिस्टर कर ली है और रजिस्टर करने के बाद वे जांच करेंगे। हमने कोर्ट को बताया है कि यह केस पूरी तरह मनगढ़ंत और बेबुनियादी है। उन्होंने कहा याचिका कर्ता आशुतोष नाम का आदमी उत्तर प्रदेश के शामली जिले का हिस्ट्रीशीटर है। कई लोग हैं जो खुद विक्टिम हैं और कहते हैं कि उसने (आशुतोष पांडे) उनके खिलाफ भी झूठे केस किए हैं। उन्होंने कहा सनातन धर्म को किसी बाहरी व्यक्ति से खतरा नहीं है, बल्कि अंदर के ही लोग हैं हिंदू धर्म को खत्म करना चाहते हैं, जो शंकराचार्य नाम की संस्था को खत्म करना चाहते हैं।
#WATCH | Varanasi | Swami Avimukteshwaranand Saraswati says, "...The court has its own procedure. The court has registered the complaint and after registering it, they will investigate... We have informed the court that this case is fabricated... The person named Ashutosh (the… pic.twitter.com/o3tdGhhfdH
— ANI (@ANI) February 21, 2026
झांसी में मुकदमा दर्ज करने के आदेश
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) विनोद कुमार चौरसिया ने झांसी की पुलिस को निर्देश दिए हैं कि मामले में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना की जाए। समाचार एजेंसी वार्ता की एक रिपोर्ट के मुताबिक शंकराचार्य के खिलाफ शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रहमचारी की अर्जी पर कोर्ट ने यह आदेश दिए है। पीठाधीश्वर ने भारतीय दंड संहिता की धारा- 173(4) के तहत अर्जी दायर की गई थी।
आश्रम में नाबालिग बच्चों के यौन शोषण का आरोप
पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रहमचारी की ओर से दाखिल की गई अर्जी में आरोप लगाए गए हैं कि संबंधित आश्रम में नाबालिग बच्चों के यौन की घटनाएं हुईं। याचिका में साक्ष्य के रूप से सीडी पेश करने का भी दावा किया गया है। इसके अलावा अदालत ने आरोप लगाने वाले दो बच्चों के वीडियो बयान भी दर्ज कर लिए हैं। अदालत ने पुलिस रिपोर्ट का भी संज्ञान लिया और सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। शनिवार को आदेश जारी होने के बाद मामले की कार्रवाई आगे बढ़ने की उम्मीद है।
आशुतोष ब्रहमचारी बोले- अदालत से न्याय मिला
आशुतोष ब्रहमचारी ने कहा है कि उन्हें अदालत से न्याय मिला है। अब उन्होंने प्रयागराज से वाराणसी स्थित विद्या मठ तक पैदल यात्रा निकालकर लोगों के सामने तथ्य रखने का दावा किया है। न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस आरोपों की सत्यता की जांच करेगी, उसी के बाद पूरा मामला साफ हो पाएगा।

