सीसीटीवी में प्रश्नपत्र खुला, प्रधानाचार्य पर केस
शाहजहांपुर के परीक्षा केंद्र में स्ट्रांग रूम से प्रश्नपत्र खोलने का मामला सीसीटीवी में कैद, डीआईओएस की तहरीर पर प्रधानाचार्य व केंद्र व्यवस्थापक पर एफआईआर।

शाहजहांपुर, वाईबीएन संवाददाता। जिले में बोर्ड परीक्षा की गोपनीयता पर गंभीर सवाल उठे हैं। एक परीक्षा केंद्र पर स्ट्रांग रूम में रखे गोपनीय प्रश्नपत्रों के पैकेट खोलने का मामला सामने आया है। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिससे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
27 फरवरी को हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की प्रथम पाली की परीक्षा से पहले सुबह करीब 8:45 बजे डीआईओएस हरिवंश कुमार सचल दल संख्या-2 के साथ श्री बलवंत इंटर कॉलेज, कटरा पहुंचे। निरीक्षण के दौरान संयुक्त शिक्षा निदेशक, बरेली मंडल भी मौजूद थे। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर अनियमितता सामने आई।
अवकाश पर थे प्रधानाचार्य, फिर भी प्रवेश
फुटेज में प्रधानाचार्य दामोदर सिंह स्ट्रांग रूम में रखे प्रश्नपत्रों के पैकेट खोलते और उनकी गिनती करते दिखाई दिए। जानकारी के मुताबिक उस दिन वे अवकाश पर थे और परीक्षा संबंधी कोई अधिकृत जिम्मेदारी उनके पास नहीं थी। इसे नियमों का सीधा उल्लंघन माना गया।
केंद्र व्यवस्थापक भी घेरे में
डीआईओएस की तहरीर पर कटरा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। प्रधानाचार्य पर अनाधिकृत प्रवेश और परीक्षा गोपनीयता भंग करने का आरोप है, जबकि केंद्र व्यवस्थापक राजेंद्र पाल सिंह पर प्रश्नपत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित न करने की जिम्मेदारी तय की गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
सख्त संदेश: समझौता नहीं
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं होगा। दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
नकल विहीन परीक्षा का दावा, जिम्मेदारों ने दिखाया ठेंगा
जिस केंद्र पर नकल विहीन परीक्षा का दावा किया जा रहा था, वहीं से गोपनीयता भंग का मामला उजागर हो गया। प्रारंभिक जांच में प्रधानाचार्य को पूरे घटनाक्रम का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज सामने आते ही शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई की। अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट होगा कि प्रश्नपत्र खोलने के पीछे मंशा क्या थी और क्या किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका है।


