शाहजहांपुर में होली पर निकले 18 लाटसाहब, नगर में जूताें से स्वागत
ऐतिहासिक, अद्भुत और लाजवाब:
शाहजहांपुर, वाईबीएन संवाददाता। होली के पावन अवसर पर बुधवार सुबह लगभग 9 बजे ऐतिहासिक “जूता मार होली” के तहत पारंपरिक लाट साहब का भव्य जुलूस निकाला गया। हर वर्ष की तरह इस बार भी लोगों में गजब का उत्साह देखने को मिला। शहर में कुल 8 लाट साहब के जुलूस निकले, जबकि पूरे जनपद में 18 स्थानों पर विविध परंपराओं के साथ लाट साहब की होली मनाई गई।
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बैलगाड़ी पर सवार लाट साहब, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
शाहजहांपुर के बड़े लाट साहब की छटा निराली रही। बैलगाड़ी पर सवार लाट साहब ने पूरे शरीर पर बॉडी प्रोटेक्टर, सिर पर हेलमेट और विशेष सुरक्षा कवच पहन रखा था। परंपरा के अनुसार जूते-चप्पलों और रंगों की बौछार के बीच उनका स्वागत किया गया।
सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व रही। रैपिड एक्शन फोर्स, पीएसी और बरेली जोन की पुलिस के साथ स्थानीय पुलिस बल चप्पे-चप्पे पर तैनात रहा। कोतवाल ने सलामी देकर जुलूस को रवाना किया। शहर की गलियों में बैरिकेडिंग की गई और बिजली विभाग की टीम जुलूस के आगे-पीछे चलती रही। जैसे ही जुलूस आगे बढ़ता, संबंधित क्षेत्र की बिजली अस्थायी रूप से काट दी जाती और जुलूस निकलने के बाद पुनः जोड़ दी जाती।
मुस्लिम समाज के लोगों ने फूल बरसाकर किया स्वागत
लगभग 3 घंटे चले इस जुलूस ने करीब 8 किलोमीटर का सफर तय किया। चौक के नंगू लाल मंदिर में पारंपरिक पूजा अर्चना के साथ जुलूस कोतवाली पहुंचा, जहां कोतवाल ने लाटसाहब को सलामी दी। इसके बाद जुलूस चौक, चारखंभा पहुंचा जहां मेहंदी हसन समेत मुस्लिम समाज के लोगों ने फूलों की वर्षा के साथ जुलूस का स्वागत किया। केरूंगज , अग्रसेन चौराहा, रोशनगंज, मिशन स्कूल, सीएमओ ऑफिस, अंटा चौराहा, खिरनी बाग होते हुए सदर बाजार, बाबा विश्वनाथ मंदिर बहादुरगंज, घंटाघर कच्चा कटरा होते कोतवाली होते हुए बंगला के नीचे पहुंचकर समाप्त हो गया।
बाबा विश्वनाथ मंदिर में पारंपरिक पूजा
बाबा विश्वनाथ मंदिर पहुंचने पर लाट साहब ने पारंपरिक रूप से विश्राम किया और देव प्रतिमाओं के दर्शन कर परंपरा निभाई।
बहादुरगंज पहुंचने पर लकड़ी मंडी से निकलने वाले दूसरे लाट साहब ने बड़े लाट साहब को सैल्यूट कर परंपरा का निर्वहन किया। वहीं छोटे लाट साहब का जुलूस दलेलगंज और सराय काइयां क्षेत्र से निकाला गया, जहां भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम रहे।
ड्रोन और CCTV से निगरानी
प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से हर 50 मीटर पर CCTV कैमरे लगाए। ड्रोन कैमरों से पूरे जुलूस की निगरानी की गई। अपर पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार, सीओ सिटी, अपर जिलाधिकारी, एसडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट सहित बड़ी संख्या में अधिकारी मौजूद रहे।
रंग, परंपरा और मेल-मिलाप
जूते-चप्पलों की परंपरा के साथ रंगों की बौछार, पिचकारियां और ढोल-नगाड़ों की थाप ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। जुलूस के समापन के बाद लोगों ने नए परिधान पहनकर एक-दूसरे के घर जाकर होली मिलन किया। पारंपरिक गुजिया और व्यंजनों का स्वाद लिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में भी ढोल की थाप पर जमकर धमाल हुआ।
जुलूस के शांतिपूर्ण समापन के साथ ही प्रशासन और नागरिकों ने राहत की सांस ली।





