राष्ट्रीय लोक अदालत में 1.50 लाख से अधिक मामलों का निस्तारण
- 34 साल पुराने मुकदमे का भी हुआ फैसला, मोटर दुर्घटना मामलों में 6.17 करोड़ का मुआवजा तय
शाहजहांपुर, वाईबीएन संवाददाताः दीवानी न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष विष्णु कुमार शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित लोक अदालत में विभिन्न प्रकृति के कुल 1,50,489 मामलों का निस्तारण किया गया। मामलों के निस्तारण के बाद 18,99,21,458 रुपये का जुर्माना भी वसूला गया।
पुराने मुकदमों का भी हुआ निपटारा
लोक अदालत में कई वर्षों से लंबित मामलों का भी निस्तारण किया गया। अपर सिविल जज सीडी/एसीजेएम अवंतिका प्रभाकर ने 34 वर्ष पुराने एक फौजदारी वाद का निस्तारण किया, जबकि अपर सिविल जज जूडी कोर्ट संख्या-35 निधि माधव कुरील ने 19 वर्ष पुराने फौजदारी मामले का निपटारा कराया।
मोटर दुर्घटना मामलों में 6.17 करोड़ मुआवजा
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी रिजवान अहमद ने मोटर दुर्घटना से जुड़े 92 मामलों का निस्तारण करते हुए 6,17,11,800 रुपये मुआवजा देने का आदेश पारित किया।
पारिवारिक न्यायालय में 67 मामलों का समाधान
प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय नरेंद्र कुमार तृतीय ने 35 फौजदारी और 32 वैवाहिक मामलों सहित कुल 67 वादों का निस्तारण कराया।
राजस्व व चालान मामलों का भी निपटारा
राजस्व न्यायालयों में 1,37,559 राजस्व मामलों का निस्तारण किया गया। वहीं ऑनलाइन चालान से जुड़े 3,447 मामलों में 28,33,200 रुपये का शमन शुल्क वसूला गया। इसके अलावा विभिन्न बैंकों के 1,169 प्री-लिटिगेशन मामलों में समझौता कराकर करीब 11.98 करोड़ रुपये के ऋण खातों का निपटारा कराया गया।
अन्य न्यायालयों में भी हुए सैकड़ों फैसले
अपर जिला जज ईसी एक्ट नेहा आनंद ने 305 विद्युत मामलों का निस्तारण किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्योति अग्रवाल ने 2,822 आपराधिक मामलों का निपटारा करते हुए 2,65,930 रुपये जुर्माना वसूला। इसके अलावा अन्य न्यायिक अधिकारियों ने भी अपने-अपने न्यायालयों में सैकड़ों मामलों का निस्तारण किया।
दीप प्रज्वलित कर हुआ उद्घाटन
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जिला एवं सत्र न्यायाधीश विष्णु कुमार शर्मा ने न्यायिक अधिकारियों, बैंक अधिकारियों और अधिवक्ताओं की उपस्थिति में मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान उन्होंने लोक अदालत के महत्व और उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण पर जोर दिया।
जेल बंदियों और बालगृह के बच्चों की प्रदर्शनी
कार्यक्रम के दौरान जिला कारागार शाहजहांपुर के बंदियों और राजकीय बालगृह के बच्चों द्वारा बनाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें कपड़े, बैग, पेंटिंग, बेकरी उत्पाद, पूजा सामग्री, गमले और हस्तशिल्प वस्तुएं प्रदर्शित की गईं। न्यायिक अधिकारियों और आगंतुकों ने इन उत्पादों की सराहना की और कई लोगों ने इन्हें खरीदा भी।
साइड स्टोरी : लोक अदालत से मिली राहत: सालों पुराने विवाद मिनटों में सुलझे
राष्ट्रीय लोक अदालत आम लोगों के लिए राहत का बड़ा माध्यम बन रही है। इस अदालत में वर्षों से लंबित मामलों का निस्तारण आपसी समझौते से कम समय और कम खर्च में हो जाता है। इससे लोगों को लंबे समय तक अदालतों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में भी हजारों लोगों को राहत मिली। मोटर दुर्घटना, पारिवारिक विवाद, बैंक ऋण, चालान और राजस्व मामलों का मौके पर ही निस्तारण कराया गया। इससे न सिर्फ लोगों का समय और पैसा बचा बल्कि न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ भी कम हुआ।
न्यायिक अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, क्योंकि इसमें मामलों का समाधान आपसी सहमति से किया जाता है और निर्णय अंतिम होता है।




