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अध्यात्मिक उमंग का केंद्र बना शाहजहांपुर, समारोह में पहुंचेअभ्यासी

श्री रामचन्द्र मिशन के शाहजहांपुर योगाश्रम के 50 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित किया गया 20 दिवसीय बसंतोत्सव व स्वर्ण जयंती समारोह, ‘दाजी’ पहुंचे, फूल बरसे

शाहजहांपुर, वाईबीएन संवाददाता : श्री रामचन्द्र मिशन के अध्यक्ष एवं हार्टफुलनेस मेडिटेशन के मार्गदर्शक अध्यात्मिक गुरु कमलेश डी. पटेल ‘दाजी’ के सान्निध्य व करुणामय मार्गदर्शन में बुधवार शाम बीस दिवसीय बसंतोत्सव का ध्यान साधना के साथ शुभारंभ हो गया। उनके आगमन पर मिशन अनुयायियों ने पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया। श्रीराम चंद्र मिशन के शाहजहांपुर योगाश्रम निर्माण के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह देश विदेश से लगभग 25 हजार अभ्यासी प्रतिभाग करेंगे। प्रथम सत्र में लगभग पांच हजार अभ्यासियों ने प्रतिभाग किया।

दाजी का भव्य स्वागत, भावनाओं से सराबोर हुआ परिसर

श्रीरामचंद्र मिशन के अध्यक्ष व अध्यात्मिक गुरु मार्गदर्शक दाजी का बुधवार दोपहर लगभग 12 बजे शाहजहांपुर आश्रम आगमन हुआ। उनके स्वागत में “बहाराें फूल बरसाओ, मेरे गुरुदेव आए हैं” की स्वर लहरियां गूंज उठीं।

बाबूजी महाराज के सुपुत्र सर्वेश चंद्रा, मिशन के संयुक्त सचिव अर्जुन अग्रवाल, शिल्पी इंजीनियर ए.के. गर्ग, उत्तर प्रदेश प्रभारी अनुपम अग्रवाल, माधोगोपाल अग्रवाल, राजगोपाल अग्रवाल, श्रीगोपाल अग्रवाल, अमिता चंद्रा, बाबूजी के प्रपौत्र विनीत चंद्रा, सुयश सिन्हा, सुमन अग्रवाल, ममता अग्रवाल, सौमेंद्र त्यागी सहित सैकड़ों अभ्यासियों और छोटे-छोटे बच्चों ने पुष्प भेंटकर उनका भव्य स्वागत किया। दाजी के आगमन से आश्रम परिसर साधना की सुवास और चेतना की उजास से आलोकित हो उठा।

बच्चों और युवाओं ने किया पुष्पवर्षा से स्वागत

छोटे-छोटे बच्चों और युवाओं ने दाजी को पुष्प अर्पित कर स्वागत किया। मासूम चेहरों की श्रद्धा और उत्साह ने वातावरण को और भी भावुक बना दिया।

निरीक्षण के दौरान भावुक हुए अभ्यासी

सायंकाल जब दाजी आश्रम के निरीक्षण हेतु निकले तो देश-विदेश से आए अभ्यासी भावुक हो उठे। उनके दर्शन के लिए साधक मार्ग के दोनों ओर कतारबद्ध होकर खड़े हो गए। सभी ने भावमग्न होकर प्रणाम किया। दाजी ने भी स्नेहपूर्वक सभी को शुभाशीष प्रदान किया। यह दृश्य गुरु-शिष्य परंपरा की जीवंत अभिव्यक्ति बन गया।

मेडिटेशन हाल व व्यवस्थाओं का अवलोकन

समारोह के विधिवत शुभारंभ से पूर्व दाजी ने मेडिटेशन हाल का निरीक्षण किया। उन्होंने ध्यान साधना की व्यवस्था, स्वच्छता और अनुशासन की सराहना की। इसके बाद उद्यान क्षेत्र, डायनिंग हाल, आवासीय परिसर और अन्य विभागों का अवलोकन किया। आश्रम प्रबंधन से संवाद करते हुए उन्होंने साधना की गुणवत्ता बनाए रखने पर बल दिया।

ध्यान जीवन संतुलन का माध्यम: दाजी

शाम को दाजी ने उपस्थित अभ्यासियों को ध्यान कराया। संक्षिप्त संबोधन में उन्होंने कहा कि ध्यान केवल अभ्यास नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित और शांत बनाने की प्रक्रिया है। उन्होंने युवाओं से नियमित ध्यान और नैतिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।

रेलवे व बस स्टेशन पर अभ्यासियों का तांता

बसंत उत्सव में सहभागिता के लिए देश के विभिन्न प्रांतों और विदेशों से हजारों अभ्यासी पहुंच रहे हैं। मंगलवार रात से ही रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन पर अभ्यासियों का तांता लगा रहा। मिशन के स्वयंसेवकों ने बसों के माध्यम से उन्हें आश्रम तक पहुंचाया।

विदेशों से बड़ी संख्या में पहुंचे साधक

फ्रांस, आयरलैंड, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका समेत अनेक देशों से बड़ी संख्या में विदेशी अभ्यासी शाहजहांपुर पहुंचे हैं।

उनकी सुविधा के लिए वाटरप्रूफ टेंट में भव्य व्यवस्थाएं की गई हैं। आवास, भोजन, सत्संग और ध्यान के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।

इनका रहा विशेष सहयोग

कार्यक्रम के सफल आयोजन में आश्रम सचिव उमाशंकर वाजपेयी, कार्यक्रम संयोजक एवं उद्यमी माधोगोपाल अग्रवाल, बाबूजी महाराज के सुपुत्र सर्वेश चंद्रा, मिशन के संयुक्त सचिव अर्जुन अग्रवाल, शिल्पी इंजीनियर ए.के. गर्ग, उत्तर प्रदेश प्रभारी अनुपम अग्रवाल, राजगोपाल अग्रवाल, अमिता चंद्रा, बाबूजी के प्रपौत्र विनीत चंद्रा, सुयश सिन्हा आदि पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों का विशेष योगदान रहा।



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