शाहजहांपुर में रोज़ेदारों के लिए इफ्तार, मौलाना शेख शाही बोले– सेवा से मिलता सुकून
शाहजहांपुर के मामूड़ी सभागार में अल मुश्किल कुशा खानकाह नेशनल तंजीम ने रोज़ेदारों के लिए इफ्तार कराया। मौलाना शेख शाही ने रमज़ान को रहमत और बरकत का महीना बताया।

शाहजहांपुर, वाईबीएन संवाददाता। पवित्र माह रमज़ान में रोज़ेदारों की सेवा और इफ्तार कराने से दिल को सुकून मिलता है। यह बात अल मुश्किल कुशा खानकाह नेशनल तंज़ीम के राष्ट्रीय अध्यक्ष व संस्थापक मौलाना शेख़ शाही ने कही।
शहर के शाहजहांपुर स्थित मुहल्ला मामूड़ी सभागार में तंज़ीम की ओर से रोज़ेदारों के लिए इफ्तार का आयोजन किया गया। इसमें शहर के साथ आसपास के चार गांवों के सैकड़ों रोज़ेदार शामिल हुए।
मौलाना शाही ने कहा कि रमज़ान रहमत और बरकत का महीना है। इस दौरान सच्चे मन से रखे गए रोज़े इंसान को आध्यात्मिक ताकत देते हैं और शरीर को भी लाभ पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि रोज़े रखने से इंसान बुरी आदतों से दूर रहता है और आत्मसंयम की भावना मजबूत होती है।
उन्होंने कहा कि जो लोग पान, जुआ, शराब, झूठ और गाली-गलौज जैसी बुरी आदतों में फंसे हैं, वे अगर रमज़ान के महीने में पूरे नियमों के साथ रोज़े रखें तो इन बुराइयों से छुटकारा पा सकते हैं।
इफ्तार कार्यक्रम में कटिया बुजुर्ग और करनैयापुर गांव के प्रधान फुरकान ख़ान, इब्बन ख़ान, भूरे ख़ान, हाफ़िज़ मो. मुईन, डॉ. इरफ़ान ह्यूमन, कदीर ख़ान, मो. रेहान, इमरान, डॉ. मो. जावेद, ज़ाकिर हुसैन, ज़ीशान ख़ान, शायर असगर यासिर, फैजान इदरीसी, मो. साजिद सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने देश में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ की।


