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सैमसन को शामिल करना CSKका अच्छा फैसला, फैन बेस और संतुलन मजबूत करेंगे

अनिल कुंबले ने सीएसके द्वारा संजू सैमसन को टीम में शामिल किए जाने के फैसले की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह पीढ़ीगत बदलाव है।

सैमसन को शामिल करना CSKका अच्छा फैसला, फैन बेस और संतुलन मजबूत करेंगे
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नई दिल्ली, आईएएनएस। भारतीय क्रिकेट टीम को टी20 विश्व कप 2026 में चैंपियन बनाने में अहम किरदार निभाने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन की विस्फोटक बल्लेबाजी अब आईपीएल में देखने को मिलेगी। इस बार संजू राजस्थान रॉयल्स (आरआर) की गुलाबी नहीं बल्कि चेन्नई सुपरकिंग्स (सीएसके) की पीली जर्सी में दिखेंगे। आरआर के साथ खिलाड़ी और कप्तान के रूप में लंबा समय गुजारने के बाद सैमसन अब सीएसके के साथ नई भूमिका के लिए तैयार हैं। भारतीय टीम के दिग्गज स्पिनर रहे अनिल कुंबले ने सीएसके द्वारा संजू सैमसन को टीम में शामिल किए जाने के फैसले की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह पीढ़ीगत बदलाव है। सैमसन का मौजूदा फॉर्म और आत्मविश्वास टीम के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।

सीएसके के लिए खास हैं सैमसन

कुंबले ने कहा कि सैमसन सिर्फ अपने खेल ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक जुड़ाव के कारण भी सीएसके के लिए खास हैं। केरल में जन्मे और तमिल भाषा से जुड़ाव रखने वाले सैमसन टीम के फैन बेस को और मजबूत कर सकते हैं।पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि सैमसन सीएसके में उपकप्तान हो सकते हैं। अगर किसी कारण से रुतुराज गायकवाड़ उपलब्ध नहीं होते हैं, तो वह टीम की कमान संभाल सकते हैं। सीजन के दौरान सैमसन को विकेटकीपिंग का मौका भी मिल सकता है। सीएसके में शामिल होकर सैमसन अब एक ऐसे दौर में प्रवेश कर रहे हैं, जहां उनसे सिर्फ रन बनाने ही नहीं, बल्कि टीम को संतुलन और नेतृत्व देने की भी उम्मीद होगी।

चुनौती भी है और बड़ा मौका भी

सीएसके के साथ जुड़ना सैमसन के क्रिकेट करियर में एक रोचक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। चेपॉक का माहौल और टीम का स्ट्रक्चर उनके लिए चुनौती भी है और बड़ा मौका भी। मजबूत फैन बेस के साथ सीएसके में उनका कद और लोकप्रियता और बढ़ने की उम्मीद है।सैमसन 2013 से 2015 और फिर 2018 से 2025 तक आरआर का हिस्सा रहे। सैमसन को 2021 में आरआर का कप्तान बनाया गया था। आरआर ने सैमसन की कप्तानी में 2022 में फाइनल खेला था। दाएं हाथ के इस विस्फोटक विकेटकीपर बल्लेबाज के पास कप्तानी का लंबा अनुभव है और भविष्य में वह सीएसके के कप्तान बन सकते हैं।


Mukesh Pandit

Mukesh Pandit

पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 1989 में अमर उजाला से रिपोर्टिंग से करने वाले मुकेश पंडित का जनसरोकार और वास्तविकत पत्रकारिता का सफर सतत जारी है। उन्होंने अमर उजाला, विश्व मानव, हरिभूमि, एनबीटी एवं दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक अपनी सेवाएं दीं हैं। समाचार लेखन, विश्लेषण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में निपुणता के साथ-साथ उन्होंने समय के साथ डिजिटल और सोशल मीडिया को भी बख़ूबी अपनाया है। करीब 35 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ मुकेश पंडित आज भी पत्रकारिता में सक्रिय हैं और जनहित, राष्ट्रहित और समाज की सच्ची आवाज़ बनने के मिशन पर अग्रसर हैं।

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