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वेस्टइंडीज पर जीत के बाद संजू सैमसन ने तीन महीने बाद खाया था पंसदीदा 'चीट मील'

मैच में भारत को जीत दिलाने के बाद संजू सैमसन भी बहुत खुश थे और लंबे समय बाद अपना पसंदीदा खाना खाना चाहते थे। उस रात सैमसन ने अपने मैनेजर से खास 'चीट मील' का इंतजाम करने को कहा।

वेस्टइंडीज पर जीत के बाद संजू सैमसन ने तीन महीने बाद खाया था पंसदीदा चीट मील
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नई दिल्ली,आईएएनएस। टी20 विश्व कप 2026 में भारत को चैंपियन बनाने वाले किरदारों में सबसे अहम संजू सैमसन की एक दिलचस्प कहानी सामने आई है। यह कहानी एक पेशेवर खिलाड़ी की मेहनत और त्याग को भी दिखाती है। इस कहानी को मशहूर शेफ सुरेश पिल्लई ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किया है। वेस्टइंडीज के खिलाफ क्वार्टरफाइनल जैसे मुकाबले में सैमसन ने 50 गेंद पर 97 रन की नाबाद पारी खेलकर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचा दिया था। इस पारी ने संजू सैमसन की इमेज भारतीय क्रिकेट में एक ऐसे बल्लेबाज के रूप में बना दी जो मुश्किल परिस्थितियों से टीम को निकालकर अकेले दम जीत दिला सकता है। 1 मार्च को खेले गए इस मैच में भारत को जीत दिलाने के बाद संजू सैमसन भी बहुत खुश थे और लंबे समय बाद अपना पसंदीदा खाना खाना चाहते थे। उस रात सैमसन ने अपने मैनेजर से खास 'चीट मील' का इंतजाम करने को कहा।

शेफ सुरेश पिल्लई ने साझा किया इंस्टाग्राम पोस्ट

शेफ सुरेश पिल्लई ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में इस कहानी को साझा किया है। उन्होंने बताया कि सैमसन के मैनेजर इखलास का उन्हें फोन आया और कहा कि तीन महीने की सख्त डाइट के बाद सैमसन को एक रात के लिए अपनी पसंद का खाना चाहिए। उन्होंने पझनकांजी, मछली, कप्पा और चम्मंथी जैसे पारंपरिक केरल व्यंजन की मांग की।पिल्लई ने मजाक में जवाब दिया कि मुंबई में पझनकांजी बनाना आसान नहीं है, लेकिन कांजी, कप्पा और मछली का इंतजाम किया जा सकता है। इसके बाद उन्होंने तुरंत अपने दोस्त और सोसाइटी होटल, मुंबई के मालिक रसाक इक्का को फोन किया। कुछ ही मिनटों में कांजी, कप्पा, फिश करी, फ्राइड सार्डिन, चम्मंथी और पापड़ पैक कर सेंट रेजिस होटल भेज दिए गए, जहां भारतीय टीम ठहरी हुई थी।

उस चीट मील के बाद भी सैमसन का शानदार प्रदर्शन जारी रहा

पिल्लई ने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा कि लोग अक्सर खिलाड़ियों की सफलता देखते हैं, लेकिन उनके पीछे की मेहनत और त्याग को नहीं समझते। सैमसन जैसे खिलाड़ी महीनों तक सख्त डाइट, सीमित सोशल मीडिया और लगातार अभ्यास के साथ खुद को तैयार करते हैं। दिलचस्प बात यह है कि उस चीट मील के बाद भी सैमसन का शानदार प्रदर्शन जारी रहा। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में 42 गेंदों पर 89 और न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में 46 गेंदों पर 89 रन की पारी खेल भारत को चैंपियन बनाने में बड़ी और यादगार भूमिका निभाई। लगातार तीन मैचों में भारत की जीत के सबसे बड़े नायक रहे सैमसन को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था।


Mukesh Pandit

Mukesh Pandit

पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 1989 में अमर उजाला से रिपोर्टिंग से करने वाले मुकेश पंडित का जनसरोकार और वास्तविकत पत्रकारिता का सफर सतत जारी है। उन्होंने अमर उजाला, विश्व मानव, हरिभूमि, एनबीटी एवं दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक अपनी सेवाएं दीं हैं। समाचार लेखन, विश्लेषण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में निपुणता के साथ-साथ उन्होंने समय के साथ डिजिटल और सोशल मीडिया को भी बख़ूबी अपनाया है। करीब 35 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ मुकेश पंडित आज भी पत्रकारिता में सक्रिय हैं और जनहित, राष्ट्रहित और समाज की सच्ची आवाज़ बनने के मिशन पर अग्रसर हैं।

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