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हिप्र में कश्मीरी विक्रेताओं के खिलाफ 'हिंसा' : जेकेएसए ने शाह को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की

कांगड़ा जिले के देहरा में कश्मीरी शॉल विक्रेता पर कुछ असामाजिक तत्वों ने हमला किया था, और इस मामले को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एवं हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के कार्यालयों के समक्ष उठाया गया है।

हिप्र में कश्मीरी विक्रेताओं के खिलाफ हिंसा : जेकेएसए ने शाह को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की
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नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्क। 'जम्मू कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन' (जेकेएसए) ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि वह हिमाचल प्रदेश में कश्मीरी छात्रों और शॉल विक्रेताओं के खिलाफ उत्पीड़न और हिंसा की बढ़ रही घटनाओं के मामले में हस्तक्षेप करें। एसोसिएशन के अनुसार, पिछले सप्ताह कांगड़ा जिले के देहरा इलाके में कश्मीरी शॉल विक्रेता जहांगीर अहमद पर कुछ असामाजिक तत्वों ने कथित तौर पर हमला किया था, और इस मामले को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एवं हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के कार्यालयों के समक्ष उठाया गया है।

कश्मीरी छात्रों और व्यापारियों से जुड़ी घटनाएं

जेकेएसए ने केंद्रीय गृहमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि पिछले एक साल में कई उत्तरी राज्यों में कश्मीरी छात्रों और व्यापारियों से जुड़ी घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन खासतौर पर, हिमाचल प्रदेश ‘‘गंभीर चिंता’’ का विषय बनकर उभरा है। पत्र में कहा गया है, ‘‘इस वर्ष अकेले हिमाचल प्रदेश में कश्मीरी शॉल विक्रेताओं पर हमले, धमकी और उत्पीड़न की कम से कम 18 घटनाएं हुई हैं।’’

प्राथमिकी त्वरित या प्रभावी ढंग से दर्ज नहीं की गयी

पत्र में यह भी कहा गया है कि कई मामलों में प्राथमिकी त्वरित या प्रभावी ढंग से दर्ज नहीं की गयी, न ही कोई स्पष्ट गिरफ्तारी हुई और न ही कोई निवारक उपाय किए गए। जेकेएसए के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुहामी ने दावा किया कि कई कश्मीरी छात्र और व्यापारी लगातार भय और गंभीर मनोवैज्ञानिक तनाव के साये में जी रहे हैं। उन्होंने कहा, "चिंताजनक रूप से कई लोगों को राज्य छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है, जिसके परिणामस्वरूप शिक्षा बाधित हुई है, आजीविका का नुकसान हुआ है और गरिमा का ह्रास हुआ है।" संगठन ने चेतावनी दी कि इस तरह की घटनाओं के दूरगामी परिणाम हिमाचल प्रदेश से बाहर तक फैलते हैं।


Mukesh Pandit

Mukesh Pandit

पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 1989 में अमर उजाला से रिपोर्टिंग से करने वाले मुकेश पंडित का जनसरोकार और वास्तविकत पत्रकारिता का सफर सतत जारी है। उन्होंने अमर उजाला, विश्व मानव, हरिभूमि, एनबीटी एवं दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक अपनी सेवाएं दीं हैं। समाचार लेखन, विश्लेषण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में निपुणता के साथ-साथ उन्होंने समय के साथ डिजिटल और सोशल मीडिया को भी बख़ूबी अपनाया है। करीब 35 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ मुकेश पंडित आज भी पत्रकारिता में सक्रिय हैं और जनहित, राष्ट्रहित और समाज की सच्ची आवाज़ बनने के मिशन पर अग्रसर हैं।

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