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दिल्ली में ‘मुस्लिम समुदाय को खूनी ईद की धमकियां’सांसदों ने लिखा गृहमंत्री शाह को पत्र

जावेद द्वारा लिखे गए पत्र पर समाजवादी पार्टी, द्रमुक, झारखंड मुक्ति मोर्चा, भाकपा (माले) तथा कई अन्य दलों के सदस्यों ने हस्ताक्षर किए हैं।

दिल्ली में ‘मुस्लिम समुदाय को खूनी ईद की धमकियां’सांसदों ने लिखा गृहमंत्री शाह को पत्र
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नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्क। दिल्ली के उत्तम नगर में कथित 'खूनी ईद' की धमकी को लेकर सियासत का पारा चढ़ गया है। कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद और विपक्षी दलों के कुछ अन्य सांसदों ने बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली में मुस्लिम समुदाय को दी जा रही धमकियों के मद्देनजर निर्णायक कार्रवाई करने का आग्रह किया है। जावेद द्वारा लिखे गए पत्र पर समाजवादी पार्टी, द्रमुक, झारखंड मुक्ति मोर्चा, भाकपा (माले) तथा कई अन्य दलों के सदस्यों ने हस्ताक्षर किए हैं।

मुस्लिम समुदाय के लोगों को खुली धमकियां

पत्र में जावेद ने कहा, मैं दिल्ली के उत्तम नगर में परेशान करने वाले घटनाक्रम के बारे में गहरी चिंता और तात्कालिकता की भावना के साथ लिख रहा हूं, जहां मुस्लिम समुदाय के लोगों को खुली धमकियां दी जा रही हैं तथा डर पैदा करने का व्यवस्थित प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि धमकियों, भड़काऊ नारों और नफरत भरी सामग्री के प्रसार ने ऐसा माहौल बना दिया है जहां भारतीय नागरिकों का एक वर्ग राष्ट्रीय राजधानी में ही असुरक्षित महसूस कर रहा है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि पुलिस की चुनिंदा और अपर्याप्त प्रतिक्रिया भी उतनी ही परेशान करने वाली है।

सांप्रदायिक सद्भाव भी बिगड़ता है,कारवाई की मांग

उन्होंने कहा कि जब धमकियां इतने खुलेआम दी जा रही हों और कोई कार्रवाई नहीं हो रही हो तो कानून के राज पर जनता का विश्वास कम हो जाता है तथा सांप्रदायिक सद्भाव भी बिगड़ता है। पत्र में कहा गया है, स्थिति का तत्काल संज्ञान लें और कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी चूक के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करें। पत्र में गृह मंत्री से आग्रह किया गया है, दिल्ली पुलिस को नफरत फैलाने, धमकियां देने या स्थिति को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्ती से और निष्पक्ष रूप से कार्रवाई करने का निर्देश दिया जाए। जमीन पर विश्वास बहाल करने के लिए प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। पक्षपात या निष्क्रियता की चिंताओं को दूर करने के लिए पुलिस की कार्रवाई की स्वतंत्र समीक्षा भी हो। विपक्षी सांसदों ने यह भी कहा कि इन हालात में निर्णायक कार्रवाई की जाए।


Mukesh Pandit

Mukesh Pandit

पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 1989 में अमर उजाला से रिपोर्टिंग से करने वाले मुकेश पंडित का जनसरोकार और वास्तविकत पत्रकारिता का सफर सतत जारी है। उन्होंने अमर उजाला, विश्व मानव, हरिभूमि, एनबीटी एवं दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक अपनी सेवाएं दीं हैं। समाचार लेखन, विश्लेषण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में निपुणता के साथ-साथ उन्होंने समय के साथ डिजिटल और सोशल मीडिया को भी बख़ूबी अपनाया है। करीब 35 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ मुकेश पंडित आज भी पत्रकारिता में सक्रिय हैं और जनहित, राष्ट्रहित और समाज की सच्ची आवाज़ बनने के मिशन पर अग्रसर हैं।

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