Delhi News: पालम भीषण आग हादसे में फायर ब्रिगेड की देरी पर उठे सवाल
दिल्ली के पालम में पांच मंजिला इमारत में आग लगने से 9 लोगों की मौत। फायर ब्रिगेड की देरी और हाइड्रोलिक मशीन फेल होने के आरोपों के बीच मजिस्ट्रेट जांच के आदेश।

नई दिल्ली, वाईबीएन न्यूज। पालम इलाके में आग की भीषण घटना ने जहां नौ लोगों की जान ले ली वहीं कई सवाल भी छोड़ गई यह घटना। स्थानीय लोगों का आरोप है कि फायर ब्रिगेड की गाडियां मौके पर देर से पहुंचीं और जो पहली हाइड्रोलिक मशीन मौके पर पहुंची, वह खुली ही नहीं, इसलिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू होने में देर लगी। ऐसा न होता तो हादसा इतना भयावह ना हुआ होता। स्थानीय लोगों के मुताबिक बुधवार तड़के करीब पौने छह पालम इलाके की एक पांच मंजिला इमारत में आग लग गई। उस समय अधिकतर लोग सो रहे थे। आग की शुरूआत नीचे बनी एक दुकान से हुई थी, और कुछ ही देर में पूरी इमारत को आग ने अपनी चपेट में ले लिया। कुछ लोगों को जान बचाने के लिए ऊंचाई से कूदना पड़ा।
Neighbours of family killed in devastating #PalamFire in Delhi describe frantic, futile attempts to rescue those trapped inside, some allege malfunctioning firefighting equipment delayed rescue operation https://t.co/523UqhvgYi
— National Herald (@NH_India) March 18, 2026
स्थानीय लोगों ने लगाया यह आरोप
मौके पर मौजूद लोगों ने एएनआई से बात करते हुए आरोप लगाया है कि पहली हाइड्रोलिक मशीन करीब 7 बजकर, 40 मिनट पर मौके पर पहुंची, लेकिन वह मशीन खुल ही नहीं पाई, इसलिए ऑपरेशन शुरू करने में और देर लग गई। लोगों का कहना है कि हाइड्रोलिक मशीन सही काम कर रही होती तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी। हादसे के दौरान दो लोग इमारत से कूद गए, जबकि एक छोटे बच्चे को बचाने की कोशिश में नीचे गिराना पड़ा, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
STORY | Palam building fire: Neighbours try breaking walls, windows to save family; allege rescue op delays
— Press Trust of India (@PTI_News) March 18, 2026
Neighbours of the family that got trapped in a fire in Delhi's Palam area said they made frantic attempts to get them out by attempting to break windows and a portion of… pic.twitter.com/mfIm5FZonq
इमारत में नीचे दुकान ऊपर मकान
जिस इमारत में यह आग लगी, उसमें ग्राउंड और पहले तल पर दुकानें थी, जबकि ऊपर के फ्लोर पर एक ही परिवार के 18 लोग रहते थे। हादसे के समय कुछ सदस्य घर से बाहर होने के कारण बच गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग नीचे लगी थी, जिसके ऊपर मौजूद लोग नीचे नहीं आ सके। पूरा परिसर धुएं से भर गया था और लोग बालकनी से मदद के लिए चिल्लाते रहे। घटना के बाद आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने फायर ब्रिगेड की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजधानी के बीचोंबीच ऐसी लापरवाही चिंता का विषय है और पहले भी इस तरह की घटना में देरी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू होने की बात सामने आ चुकी है।
दिल्ली का फायर सेफ्टी ऑडिट होगा
दिल्ली अग्निशमन सेवा के मुताबिक सुबह करीब 7 बजे आग लगने की सूचना मिली थी, जिसके बाद 30 दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। वहीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं। इसके साथ ही दिल्ली के उप-राज्यपाल ने दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में पूरी दिल्ली में व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के आदेश दिए हैं।

