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सरकारी अफसर बन दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास यात्रियों को लूटा, ऑटो चालक समेत 3 गिरफ्तार

आरोपियों की पहचान दिल्ली के फतेहपुर बेरी निवासी ऑटो चालक कृष्ण कुमार (50), आगरा निवासी रवि कुमार (50) और फतेहपुर बेरी निवासी राहुल गुप्ता (32) के रूप में हुई है।

सरकारी अफसर बन दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास यात्रियों को लूटा, ऑटो चालक समेत 3 गिरफ्तार
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सरकारी अफसर बन दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास यात्रियों को लूटा, ऑटो चालक समेत 3 गिरफ्तार। AI Emege 

नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्क। नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास भोले-भाले यात्रियों को ठगने और लूटने के लिए सरकारी अधिकारियों का रूप धारण करने के आरोप में एक गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की पहचान दिल्ली के फतेहपुर बेरी निवासी ऑटो चालक कृष्ण कुमार (50), आगरा निवासी रवि कुमार (50) और फतेहपुर बेरी निवासी राहुल गुप्ता (32) के रूप में हुई है।

इंतजार कर रहे यात्रियों को निशाना बनाया

पुलिस ने बताया कि गिरोह ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में सार्वजनिक परिवहन का इंतजार कर रहे यात्रियों को निशाना बनाया तथा खुद को सुरक्षा सत्यापनकरने वाले अधिकारी के रूप में पेश किया। पुलिस ने बताया कि कृष्ण अपने ऑटो में पीड़ितों को बिठाता था, राहुल उनका विश्वास जीतने के लिए सह-यात्री होने का नाटक करता था, जबकि कथित सरगनारवि कुमार एक सरकारी अधिकारी होने का नाटक करते हुए फर्जी सत्यापन करता था। जांच के बहाने आरोपी पीड़ितों से नकदी और एटीएम कार्ड ले लेते थे, पिन प्राप्त कर लेते थे और मूल कार्ड को एक लिफाफे में रखे गए नकली कार्डों से बदल देते थे, जिसे पीड़ितों को घर पहुंचने के बाद ही खोलने के लिए कहा जाता था।

गिरोह चोरी किए गए कार्ड का इस्तेमाल करके पैसे निकालता था

पुलिस ने बताया कि गिरोह चोरी किए गए कार्ड का इस्तेमाल करके पैसे निकालता था। कमला मार्केट थाने में 12 मार्च को पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) के जरिए डकैती की सूचना प्राप्त हुई जिसके बाद यह मामला सामने आया। फरीदाबाद निवासी शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि वह बिहार के दरभंगा से दिल्ली पहुंचा था और टैगोर रोड कट के पास बस का इंतजार कर रहा था, तभी एक ऑटो चालक उसके पास आया और उसे बदरपुर तक लिफ्ट देने की पेशकश की।

खुद को सरकारी अधिकारी बताया

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यात्रा के दौरान, दो और व्यक्ति ऑटो में सवार हुए, जिनमें से एक ने खुद को सरकारी अधिकारी बताया और सुरक्षा सत्यापन के बहाने शिकायतकर्ता के सामान की जांच शुरू कर दी। आरोपी ने पीड़ित से 13,000 रुपये नकद और उसका एटीएम कार्ड ले लिया तथा उसे एक लिफाफा सौंपते हुए दावा किया कि उसका सामान उसके अंदर है। शिकायतकर्ता को बाद में पता चला कि सामान गायब है और फिर उसे पता चला कि उसके खाते से 52,000 रुपये निकाल लिए गए हैं।


Mukesh Pandit

Mukesh Pandit

पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 1989 में अमर उजाला से रिपोर्टिंग से करने वाले मुकेश पंडित का जनसरोकार और वास्तविकत पत्रकारिता का सफर सतत जारी है। उन्होंने अमर उजाला, विश्व मानव, हरिभूमि, एनबीटी एवं दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक अपनी सेवाएं दीं हैं। समाचार लेखन, विश्लेषण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में निपुणता के साथ-साथ उन्होंने समय के साथ डिजिटल और सोशल मीडिया को भी बख़ूबी अपनाया है। करीब 35 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ मुकेश पंडित आज भी पत्रकारिता में सक्रिय हैं और जनहित, राष्ट्रहित और समाज की सच्ची आवाज़ बनने के मिशन पर अग्रसर हैं।

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