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ईडी ने गुरुग्राम में अपराध की कमाई से खरीदे लग्जरी अपार्टमेंट को किया जब्त, जांच जारी

यह अपार्टमेंट एंवी पावर इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर रजिस्टर्ड है।जांच में पता चला है कि यह प्रॉपर्टी जेनसोल समूह के चेयरमैन और मुख्य प्रमोटर अनमोल सिंह जग्गी ने खरीदी थी।

ईडी ने गुरुग्राम में अपराध की कमाई से खरीदे लग्जरी अपार्टमेंट को किया जब्त, जांच जारी
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नई दिल्ली, आईएएनएस। प्रवर्तन निदेशालय ने भारतीय संपत्ति अधिनियम, 2002 के तहत गुरुग्राम के डीएलएफ सिटी फेज-5, वजीराबाद स्थित द मैगनोलियास अपार्टमेंट (जिसकी कीमत लगभग 32.28 करोड़ रुपए है) को जब्त कर लिया। यह अपार्टमेंट एंवी पावर इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर रजिस्टर्ड है।जांच में पता चला है कि यह प्रॉपर्टी जेनसोल समूह के चेयरमैन और मुख्य प्रमोटर अनमोल सिंह जग्गी ने खरीदी थी और इसे जेनसोल समूह की कंपनी मैट्रिक्स गैस एंड रिन्यूएबल्स लिमिटेड से डायवर्ट किए गए फंड का उपयोग करके खरीदा गया।

पायलट परियोजनाओं के लिए सरकारी फंड आवंटित हुआ था

प्रवर्तन निदेशालय ने मैट्रिक्स कंपनी और अन्य संबंधित पक्षों के खिलाफ जांच सीबीआई द्वारा लिमिटेड की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की थी। जांच में यह सामने आया कि नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत इस्पात मंत्रालय के माध्यम से भारत में इस्पात क्षेत्र में पायलट परियोजनाओं के लिए सरकारी फंड आवंटित किया था।

32.28 करोड़ कंपनी को वितरित किया

इन परियोजनाओं का उद्देश्य ग्रीन हाइड्रोजन का उपयोग करके लोहा और इस्पात बनाना था। इस कार्यान्वयन के लिए इस्पात मंत्रालय ने योजना कार्यान्वयन एजेंसी नियुक्त किया। पायलट परियोजनाओं के लिए सफल बोलीदाता के रूप में मैट्रिक्स कंपनी को चुना गया और परियोजना के लिए स्वीकृत सरकारी अनुदान का 20 प्रतिशत यानी 32.28 करोड़ कंपनी को वितरित किया गया।

मैट्रिक्स कंपनी ने सरकारी फंड का दुरुपयोग किया

जांच में पता चला कि मैट्रिक्स कंपनी ने सरकारी फंड का उपयोग परियोजना के लिए करने के बजाय इसे अनमोल सिंह जग्गी के नियंत्रण वाली कंपनियों के माध्यम से डायवर्ट कर दिया।फंड को कई लेन-देन के माध्यम से प्रमोटरों के व्यक्तिगत लाभ और समूह की अन्य गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया गया। इसी राशि से उपरोक्त लग्जरी अपार्टमेंट खरीदा गया। चूंकि यह राशि अपराध से अर्जित की गई मानी गई, इसलिए प्रवर्तन निदेशालय ने इसे अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है।प्रवर्तन निदेशालय ने कहा है कि जांच अभी जारी है और आगे भी संबंधित व्यक्तियों और फंड डायवर्जन की विस्तार से जांच की जाएगी।


Mukesh Pandit

Mukesh Pandit

पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 1989 में अमर उजाला से रिपोर्टिंग से करने वाले मुकेश पंडित का जनसरोकार और वास्तविकत पत्रकारिता का सफर सतत जारी है। उन्होंने अमर उजाला, विश्व मानव, हरिभूमि, एनबीटी एवं दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक अपनी सेवाएं दीं हैं। समाचार लेखन, विश्लेषण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में निपुणता के साथ-साथ उन्होंने समय के साथ डिजिटल और सोशल मीडिया को भी बख़ूबी अपनाया है। करीब 35 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ मुकेश पंडित आज भी पत्रकारिता में सक्रिय हैं और जनहित, राष्ट्रहित और समाज की सच्ची आवाज़ बनने के मिशन पर अग्रसर हैं।

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