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हद हो गईः हरियाणा में इंदौर जैसा मामला, पानी पीकर मर गए 12 लोग!

हरियाणा के पलवल जिले के छायसा गांव में जहरीले पानी से 12 लोगों की मौत, पांच बच्चे शामिल। कई ग्रामीण बीमार, हेपेटाइटिस की आशंका। स्वास्थ्य विभाग जांच में जुटा।

हद हो गईः हरियाणा में इंदौर जैसा मामला, पानी पीकर मर गए 12 लोग!
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पलवल (हरियाणा), वाईबीएन न्यूज। हरियाणा के पलवल से बड़ी डरावनी खबर सामने आई है। यहां पानी पीने से 12 लोगों की मौत हो गई। इलाके में काफी संख्या में लोग बीमार भी हैं। बताया जा रहा है क‌ि जहरीला पानी पीने से लोग हेपेटाइटिस का शिकार हो रहे हैं। मरने वाले लोगों में पांच बच्चे भी शामिल हैं। पलवल में इंदौर जैसी घटना सामने आने के बाद हड़कंप की स्थिति है।

दो सप्ताह में गई 12 लोगों की जान

मिली जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश के इंदौर के बाद हरियाणा के पलवल में जहरीला पानी पीने से लोगों की मौत हो रही हैं। दो सप्ताह में ही जिले में 12 लोगों की मौत से प्रशासन के हाथ- पांव फूल गए हैं, लोगों में दहशत है। मारे गए लोगों में से चार की मौत का कारण हेपेटाइटिस होना बताया जा रहा है। ज्यादातर ग्रामीण को बुखार, सिरदर्द और पेट दर्द की शिकायत है।

छायसा गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम तैनात

यह घटना जिले के हथीन उप मंडल की है। छायसा गांव में जांच के ल‌िए स्वास्थ्य विभाग की टीम तैनात की गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में 400 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरने वालों में चार की मौत का कारण उन्हें हेपेटाइटिस होना पाया गया है। बाकी मौतें कैसे हुईं? यह अभी जांच का विषय है। हेपेटाइटिस- बी एक गभीर यकृत संक्रमण है, इसका कारण एचबीवी वायरस माना जाता है।

27 जनवरी से 11 फरवरी के बीच 12 मौतें

स्वास्थ्य विभाग की टीम ग्रामीणों के ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए भेज रही है। टीम ने गंभीर लोगों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया है। छायसा बड़ी आबादी वाला गांव है गांव की जनसंख्या छह हजार के करीब बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में घर- घर जाकर स्क्रीनिंग कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सभी 12 मौतें 27 जनवरी से 11 फरवरी के बीच हुई हैं। ग्रामीणों का दावा मरने वालों की संख्या काफी ज्यादा है। मरने वालों में कई नौजवान भी शामिल हैं।


Dhiraj Dhillon

Dhiraj Dhillon

धीरज ढिल्लों दो दशकों से अधिक समय से हिंदी पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान दैनिक हिंदुस्तान और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में नोएडा और गाजियाबाद क्षेत्र में गहन रिपोर्टिंग की है। प्रिंट मीडिया के साथ-साथ, उन्होंने डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी काम किया है। उनकी लेखनी में निष्पक्षता, तथ्यपरकता और गहरी विश्लेषण क्षमता स्पष्ट रूप से झलकती है। समसामयिक विषयों के साथ-साथ स्वास्थ्य, जीवनशैली, विकास संबंधी मुद्दों और राजनीति में उनकी गहरी रुचि रही है। उन्होंने पांच वर्षों तक Centre for Advocacy & Research (CFAR) के साथ मिलकर सार्वजनिक स्वास्थ्य संचार कार्य किया है।

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