UP Politics: राहुल गांधी ने अपनी सरकार में कांशीराम को भारत रत्न क्यों नहीं दिलाया ?
बसपा नेता विश्वनाथ पाल ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि जब उनकी सरकार थी तो उन्होंने बसपा संस्थापककांशीराम को 'भारत रत्न' दिलाने की मांग क्यों नहीं उठाई?

लखनऊ, वाईबीएन संवाददाता। बसपा नेता विश्वनाथ पाल ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि जब उनकी सरकार थी तो उन्होंने बसपा संस्थापककांशीराम को 'भारत रत्न' दिलाने की मांग क्यों नहीं उठाई? अब जब कांग्रेस सत्ता में नहीं है, तो वे नाटक क्यों कर रहे हैं?
लखनऊ में बसपा नेता विश्वनाथ पाल ने कहा कि मनमोहन सिंह 10 साल सरकार में थे, तो कांशीराम को 'भारत रत्न' क्यों नहीं दिया? जब उनकी पार्टी सत्ता में थी, तो उनके चाल-चरित्र को देखें, वे बहुजन के दुश्मन थे।
उन्होंने कहा कि एक बात बताइए कि 2014 से भाजपा की सरकार है, लेकिन इसके पहले तो कांग्रेस की ही सरकार थी। बहन जी और हम लोग तो लगातार मांग कर रहे हैं, तो 2014 से पहले जब कांग्रेस की सरकार थी, तो उन्होंने 'भारत रत्न' क्यों नहीं दिया? सत्ता के बाहर हैं तो वे नाटक क्यों कर रहे हैं? भाजपा की सरकार है, तो हम मांग करते हैं कि उन्हें 'भारत रत्न' दिया जाना चाहिए।"
कांग्रेस की कांशीराम को 'भारत रत्न' दिलाने की मांग सिर्फ ड्रामा
2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले कांशीराम को लेकर सपा-कांग्रेस की राजनीति पर बसपा नेता ने कहा कि वो कुर्सी के लिए कुछ भी कर सकते हैं। उनके द्वारा कांशीराम को 'भारत रत्न' दिलाने की मांग को सिर्फ एक ड्रामा कहा जाएगा, नाटक कहा जाएगा। आज उनके इतने बड़े फैन हो गए कि उनका नारा लगा रहे हैं, फोटो लेकर घूम रहे हैं, तो कितने बड़े राजनीतिक स्वार्थी लोग हैं ये, इसको खुद ही समझा जा सकता है। कांशीराम जब जिंदा थे तो हर कदम पर रोड़ा अटकाते थे, आज उनके फैन हो गए, फोटो लेकर घूम रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लखनऊ में लक्ष्मण मेला मैदान में कांशीराम ने एक बहुत बड़ी रैली की थी। पूरे देश के लोगों को बुलाया था। पूरे देश के लोगों को बुलाकर उन्होंने कहा था कि मेरी एकमात्र इकलौती शिष्या है, वह हैं कुमारी मायावती, जिन पर मुझे पूरा भरोसा है कि मेरी विचारधारा को, बाबा साहेब की विचारधारा को, बहुजन मूवमेंट मिशन को, आगे लेकर चल सकती हैं, इसलिए मैं इनको अपना उत्तराधिकारी, बहुजन समाज का उत्तराधिकारी घोषित करता हूं। फिर ये जो लोग नाटक कर रहे हैं, जब मायावती ने कांशीराम के नाम से अलीगढ़ मंडल में जिला बनाया था। जब अखिलेश यादव उस जिले का नाम नहीं हजम कर पाए, तो उनकी विचारधारा पर कैसे चलेंगे? ये इनका नाटक है।

