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बड़ा एक्शन :कोडीन कफ सिरप की तस्करी मामले में 9.5 करोड़ की संपत्ति फ्रीज

कानपुर पुलिस ने कई राज्यों में फैले कोडीन-बेस्ड कफ सिरप की बड़े पैमाने पर तस्करी करने वाले रैकेट की जांच करते हुए 9.5 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज कर दी है।

बड़ा एक्शन :कोडीन कफ सिरप की तस्करी मामले में 9.5 करोड़ की संपत्ति फ्रीज
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कानपुर, वाईबीएन डेस्क । कानपुर पुलिस ने कई राज्यों में फैले कोडीन-बेस्ड कफ सिरप की बड़े पैमाने पर तस्करी करने वाले रैकेट की जांच करते हुए 9.5 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज कर दी है। इससे गैर-कानूनी दवाओं पर बड़ी कार्रवाई का पता चलता है। आरोपी विनोद अग्रवाल को नेटवर्क का किंगपिन बताया गया है। डिप्टी कमिश्नर (क्राइम) श्रवण कुमार सिंह ने कहा कि अग्रवाल से जुड़ी पांच अचल प्रॉपर्टीज़ को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत फ़्रीज़ कर दिया गया है।

23 लाख रुपये की एक इनोवा गाड़ी अटैच

उन्होंने कहा कि करीब 23 लाख रुपये की एक इनोवा गाड़ी अटैच की गई है और करीब 42 लाख रुपये वाले छह बैंक अकाउंट भी फ़्रीज़ कर दिए गए हैं। कलेक्टरगंज पुलिस स्टेशन में विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। यह कोडीन-बेस्ड कफ सिरप और दूसरी साइकोट्रोपिक दवाओं की कथित गैर-कानूनी खरीद और डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, पिछले दो सालों में आठ दवा कंपनियों से कोडीन-बेस्ड कफ सिरप की करीब 26 लाख बोतलें कथित तौर पर खरीदी गईं। जांच करने वालों ने कहा कि उन्हें इनवॉइस नंबर, बैच नंबर और बोतल नंबर समेत डिटेल्ड रिकॉर्ड मिले हैं। सिंह ने रिपोर्टर्स को बताया, "अब तक करीब 11.5 लाख बोतलें बरामद हुई हैं। करीब 8.5 लाख बोतलों का अभी पता लगाना बाकी है।"

सप्लाई चेन कई राज्यों तक फैली

जांच में तेज़ी तब आई जब उत्तर प्रदेश फ़ूड सेफ़्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के अधिकारियों ने, सेक्रेटरी और कमिश्नर रोशन जैकब की लीडरशिप में, रेड मारकर लगभग एक लाख कफ़ सिरप की बोतलें ज़ब्त कीं, जिससे आगे की जांच शुरू हुई। पुलिस ने कहा कि कथित सप्लाई चेन उत्तर प्रदेश से आगे मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार तक फैली हुई थी।

पुलिस टीमें कर रही हैं जांच

अधिकारियों ने कहा कि लगभग 50 पुलिस वाले, जिन्हें कई टीमों में बांटा गया है, अलग-अलग राज्यों में खरीद के रास्तों, डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और फ़ाइनेंशियल ट्रांज़ैक्शन की जांच कर रहे हैं। संदिग्ध सप्लाई लिंक के लिए 50 से ज़्यादा मेडिकल स्टोर और फ़ार्मास्यूटिकल कंपनियों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जहां फ़िज़िकल वेरिफ़िकेशन मुमकिन नहीं है, वहां जांच करने वाले कंसाइनमेंट की मूवमेंट को ट्रैक करने के लिए GST बिल और ट्रांज़ैक्शन रिकॉर्ड पर भरोसा कर रहे हैं।

अवैध कमाई से खरीदी गई संपत्ति

अधिकारियों ने कहा कि चकेरी, फ़ीलखाना और सिविल लाइंस जैसे इलाकों में मौजूद पांच प्रॉपर्टीज़ को कथित तौर पर कोडीन कफ़ सिरप और दूसरी प्रतिबंधित दवाओं की गैर-कानूनी बिक्री से हुई कमाई का इस्तेमाल करके खरीदा गया था। इस कार्रवाई को नारकोटिक्स के धंधे पर "फ़ाइनेंशियल स्ट्राइक" बताते हुए, DCP ने कहा कि सिंडिकेट की आर्थिक रीढ़ को तोड़ने पर फ़ोकस था। उन्होंने कहा कि आगे की जांच चल रही है और जैसे-जैसे और सबूत इकट्ठा होंगे, मुकदमा चलाया जाएगा। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के अधिकारियों द्वारा राज्य के अंदर और बाहर रेगुलेटेड कोडीन-बेस्ड सिरप की कथित गैर-कानूनी स्टॉकिंग और सप्लाई की बड़ी जांच के बीच हुई है। अधिकारियों का अनुमान है कि यह गैर-कानूनी व्यापार सैकड़ों करोड़ रुपये का है।


Mukesh Pandit

Mukesh Pandit

पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 1989 में अमर उजाला से रिपोर्टिंग से करने वाले मुकेश पंडित का जनसरोकार और वास्तविकत पत्रकारिता का सफर सतत जारी है। उन्होंने अमर उजाला, विश्व मानव, हरिभूमि, एनबीटी एवं दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में फील्ड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक अपनी सेवाएं दीं हैं। समाचार लेखन, विश्लेषण और ग्राउंड रिपोर्टिंग में निपुणता के साथ-साथ उन्होंने समय के साथ डिजिटल और सोशल मीडिया को भी बख़ूबी अपनाया है। करीब 35 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ मुकेश पंडित आज भी पत्रकारिता में सक्रिय हैं और जनहित, राष्ट्रहित और समाज की सच्ची आवाज़ बनने के मिशन पर अग्रसर हैं।

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