इनको खरीदकर अमेरिका ने बढ़ाया अपना कुनबा
आज अमेरिका दुनिया के सबसे बड़े और ताक़तवर देशों में से एक है। मगर, उसने अब भू-भाग दूसरे देशों से ख़रीद के हासिल किए हैं।

वाईबीएन डेस्क, नई दिल्ली।
आज संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) दुनिया के सबसे बड़े और ताक़तवर देशों में से एक है, तो उसके भू‑भाग की विशालता का श्रेय सिर्फ़ प्राकृतिक वृद्धि या विजय को नहीं दिया जा सकता है। अमेरिका ने अपनी रणनीति के तहत कई भाग दूसरे देशों से ख़रीद के हासिल किए हैं। 19वीं और शुरुआत 20वीं सदी में हुए ये लेन‑देने उस समय के भू‑राजनीति, व्यापार और विस्तारवादी सोच का हिस्सा थे। आइए विस्तार से जानते हैं कि किन देशों से और कैसे अमेरिका ने भूमि खरीदी और किसके ज़रिए वह इतना बड़ा हुआ।
1803 में फ्रांस से खरीदा लुइसियानासंयुक्त राज्य के इतिहास में सबसे बड़ी और निर्णायक भूमि ख़रीद लुइसियाना खरीद थी। उस समय के राष्ट्रपति थॉमस जेफ़रसन ने 1803 में फ्रांस से लगभग 2,144,000 वर्ग किलोमीटर (अधिकांश मध्य संयुक्त राज्य) की भूमि को लगभग 15 मिलियन डॉलर में ख़रीदा।
यह इलाका मिसिसिपी नदी से रॉकी पर्वतों तक फैला हुआ था और आज के कई राज्यों—जैसे मिज़ोरी, इलिनॉय, कन्झास, नेब्रास्का, लुइसियाना, और कई अन्य—में विभाजित है। इस ख़रीद ने अमेरिका के पश्चिम की ओर विस्तार के “ड्रीम” को जीवन दिया।
1819 में स्पेन से ले लिया फ्लोरिडा
फ्लोरिडा कैसे अमेरिका का हिस्सा बनी? 1819 में स्पेन ने संयुक्त राज्य को फ्लोरिडा का नियंत्रण सौंप दिया, जिसे एडम्स–ओनीस संधि के तहत औपचारिक रूप से अमेरिका ने लिया। इस सौदे के ढांचे में अमेरिका ने स्पेन की कुछ देनदारियां स्वीकार कीं, जिसकी वजह से यह भू‑भाग अमेरिका में शामिल हो गया।
यह लेन‑देना सीधे “खरीद” के समान नहीं था, लेकिन स्पेन की सत्ता से सुईसाइड की तरह निकलकर अमेरिका के नियंत्रण में चला गया और बाद में यह राज्य बन गया।
1848 और 1853 मेक्सिको से मैक्सिकन सेशन और गाड्सडेन की खरीद
1840 के दशक में अमेरिका की “Manifest Destiny” यानी “पश्चिम तक फैलने का विश्वास” ने उसे मेक्सिको के साथ टकराव में डाल दिया। अमेरिका‑मेक्सिको युद्ध के बाद 1848 की ग्वाडालूपे हिदाल्गो संधि के तहत मेक्सिको ने बड़ी भूमि—आज के कैलिफोर्निया, नेवादा, युटा, और अन्य शामिल—को संधि के ज़रिए अमेरिका को सौंप दिया। वहीं 1853 में ‘गैड्सडेन ख़रीद’ के तहत अमेरिका ने मेक्सिको से फिर लगभग 77,000 वर्ग किमी भूमि खरीदी, जिससे दक्षिणी एरिज़ोना और न्यू मैक्सिको का इलाका अमेरिका में जुड़ गया।
इन दोनों लेन‑देनों में अमेरिका को क़ुल मिलाकर लगभग 8,60,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक भूमि मिली, जो उसके पश्चिमी विस्तार में निर्णायक भूमिका निभाई।
1867 में रूस से अलास्का ख़रीदा
19वीं सदी के दशक में रूस ने अलास्का को अमेरिका को बेचने का प्रस्ताव रखा। तब अमेरिका ने इस विशाल, बर्फीले लेकिन संसाधनों से भरपूर क्षेत्र को लगभग 7.2 मिलियन डॉलर में ख़रीदा, जिसे कुछ समय तक “सीवार्ड की मूर्खता” कहा गया। लेकिन बाद में यह सौदा बेहद लाभदायक साबित हुआ, क्योंकि अलास्का में तेल, गैस और प्राकृतिक संसाधनों का भंडार मौजूद है।
आज अलास्का अमेरिका का सबसे बड़ा राज्य है, और इसका क्षेत्रफल अमेरिका के कई राज्यों से भी बड़ा है।
1917 में डेनमार्क से यूएस वर्जिन आइलैंड्स की खरीद
अमेरिका की आख़िरी बड़ी स्थायी भूमि ख़रीद 1917 में डेनमार्क से हुई थी, जब उसने डेनिश वेस्ट इंडीज़ (आज के यूएस वर्जिन आइलैंड्स) को अमेरिका को लगभग 25 मिलियन डॉलर में बेचा।
इन कैरिबियाई द्वीपों को ख़रीदने का मक़सद रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पोर्टों और समुद्री रास्तों पर नियंत्रण हासिल करना था, खासकर प्रथम विश्व युद्ध के दौरान यूरोपीय शक्तियों को रोकने के लिए।
अमेरिका का विस्तार: लेन‑देने से बाहर भी
ऊपर बताई गई ख़रीदें अमेरिका के आज के अधिकांश भू‑भाग का मूल आधार हैं। अगर हम 1783 के बाद से देखें, तो अमेरिका ने:
फ्रांस, स्पेन, मेक्सिको, रूस और डेनमार्क से भूमि ख़रीदी या उसे हासिल किया है। इसके अलावा, कनाडा से ओरेगन टेरिटरी की सीमा 1846 में एक संधि के ज़रिए तय की, और टेक्सस को 1845 में स्वतंत्र गणराज्य से शामिल किया। कई मामलों में यह प्रक्रिया सिर्फ़ “खरीद” जैसा नहीं रह जाता था; युद्ध, संधि, या दबाव भी इसमें सीधे तौर पर शामिल थे।
उन सभी लेन‑देनों ने मिलकर अमेरिका को आज जो भू‑आकृति प्राप्त है, उसका आधार बनाया। इससे वह न सिर्फ़ क्षेत्रीय शक्ति बन सका, बल्कि विश्व राजनीति में भी अपनी पकड़ मजबूत कर सका।
ग्रीनलैंड पर भी नजर
आज पृथ्वी के सबसे बड़े द्वीप ग्रीनलैंड पर अमेरिका की दिलचस्पी कुछ इतिहासकारों के अनुसार उसी विस्तारवादी परंपरा का नया अध्याय दिखाती है जिसमें अमेरिका ने पहले दुनिया के नक्शे को विस्तृत किया था।
अगर अमेरिका ग्रीनलैंड को खरीदने या उसके नियंत्रण को मजबूत करने की कोशिश करता है, तो यह इतिहास की सीख और भू‑राजनीतिक रणनीति का एक आधुनिक उदाहरण हो सकता है — जैसे पहले उसने फ्रांस, रूस और अन्य से भूमि हासिल की थी।


