‘मोहम्मद’ दीपक के जिम की सदस्यता लेने आगे आए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील
बाबा’ नामक कपड़ों की दुकान के खिलाफ विरोध कर रहे बजरंग दल कार्यकर्ताओं का सामना करने और खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताने के बाद उनका कारोबार पूरी तरह ठप हो गया।

नई दिल्ली, वाईबीएन डेस्क। सुप्रीम कोर्ट के 12 वरिष्ठ वकीलों ने एक दुकान के नाम को लेकर विवादों में घिरे उत्तराखंड के दीपक कुमार के प्रति एकजुटता दिखाई है। कोटद्वार में कुमार का ‘हल्क’ जिम, जो कभी 150 से अधिक सदस्यों से भरा रहता था, एक दुकान के नाम को लेकर हुए विवाद के बाद अब लगभग खाली हो गया है और केवल कुछ नियमित सदस्य ही वहां आते हैं। जिम मालिक दीपक कुमार (42) ने पूर्व में को बताया था ‘बाबा’ नामक कपड़ों की दुकान के खिलाफ विरोध कर रहे बजरंग दल कार्यकर्ताओं का सामना करने और खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताने के बाद उनका कारोबार पूरी तरह ठप हो गया।
10,000 रुपये का शुल्क चुकाकर ली जिम की सदस्यता
उन्होंने कहा कि घटना को लेकर जारी तनाव के कारण उनका रोज़गार इस विवाद की भेंट चढ़ गया। नाम न छापने की शर्त पर एक वकील ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के लगभग 12 वरिष्ठ वकीलों ने 10,000 रुपये का शुल्क चुकाकर एक साल के लिए जिम की सदस्यता ली है। वकील ने कहा कि मूल योगदानकर्ता के नाम वाला सदस्यता कार्ड जिम को लेकर उत्साही उन स्थानीय लोगों को प्रदान किया जाएगा जो शुल्क का भुगतान करने में असमर्थ हैं। वकील ने कहा कि दीपक को कुछ अन्य अधिवक्ताओं द्वारा भी नि:शुल्क कानूनी पैरवी की पेशकश की गई है।
‘बाबा’ नामक कपड़े की दुकान के बाहर किया था प्रदर्शन
एक वकील ने कहा, कानूनी समुदाय दीपक के साथ एकजुटता व्यक्त करता है। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने 26 जनवरी को, कोटद्वार में पटेल मार्ग पर ‘बाबा’ नामक कपड़े की दुकान के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और इसके 70 वर्षीय मालिक वकील अहमद पर दुकान का नाम बदलने का दबाव डाला। विरोध के दौरान, बजरंग दल के सदस्यों, वकील अहमद और उनके बेटे के दोस्त दीपक कुमार के बीच झड़प हुई, जिसके बाद कुमार ने खुद को मोहम्मद दीपक बताते हुए प्रदर्शनकारियों को पीछे हटने के लिए मजबूर किया।


